वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के …
वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के पास से गुजर रहे विसर्जन जुलूस पर अचानक अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंक दिए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में चार लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कैंट नितिन तनेजा भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इलाके में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पथराव करने वाले दो व्यक्तियों की पहचान कर ली है। दोनों युवक सोनकर समाज से बताए जा रहे हैं और नशे की हालत में थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से आपसी विवाद था और इसी के चलते एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए।
एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि मामला पूरी तरह नियंत्रण में है और इसमें किसी प्रकार का सांप्रदायिक पहलू नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह है कि मूर्ति विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
वहीं वाराणसी पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि परमानंद सोनकर और अमन सोनकर के बीच पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई थी, जिसमें एक छोटे बच्चे को भी चोट आई है। परमानंद सोनकर की तहरीर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर एकत्र भीड़ को समझाकर विसर्जन जुलूस को आगे बढ़ाया गया। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर नाबालिग …
वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करते हुए परिजनों के हवाले कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को पीड़िता के परिजनों द्वारा थाने में लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी समीर उनकी 17 वर्षीय बेटी को झांसा देकर अपने साथ ले गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी सर्विलांस एवं सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन मुंबई के वाकोला क्षेत्र में मिलने पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले की विवेचना थाना मंडुवाडीह के उप निरीक्षक विवेक यादव की देखरेख में की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता, सतर्कता और तकनीकी दक्षता का प्रत्यक्ष उदाहरण मानी जा रही है।
वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रतिदिन होने वाली विश्वविख्यात गंगा आरती इस बार राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आई। असि घाट पर मां गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित …
वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रतिदिन होने वाली विश्वविख्यात गंगा आरती इस बार राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आई। असि घाट पर मां गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित संध्या आरती में भक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना के साथ राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था और सम्मान प्रकट किया।
गंगा आरती स्थल को तिरंगे के रंगों में भव्य रूप से सजाया गया था। केसरिया, श्वेत और हरे रंग की रोशनी, पुष्प-सज्जा और आकर्षक सजावट से पूरा घाट देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया। आरती शुरू होते ही ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर सात अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के बीच मां गंगा की विधिवत आरती की। अर्चकों ने मां गंगा से देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और राष्ट्र की अखंडता के लिए प्रार्थना की। दीपों की जगमगाहट और धूप की सुगंध से घाट का वातावरण दिव्य और मनोहारी हो गया।
कार्यक्रम के दौरान वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। घाट पर बनाई गई सुंदर रंगोली के बीच दीप जलाकर शहीदों के बलिदान को नमन किया गया। कुछ क्षणों का मौन रखकर उपस्थित लोगों ने देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को याद किया।
आरती के दौरान समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गान किया। भक्ति और राष्ट्रभक्ति का यह संगम सभी के हृदय को छू गया। देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा असि घाट गूंजता रहा।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने इस विशेष गंगा आरती की सराहना करते हुए इसे काशी की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। गंगा आरती के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि काशी की परंपरा में भक्ति के साथ देशप्रेम को भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।
धनबाद। झारखंड से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लोदना ओपी क्षेत्र में रविवार को एक युवती से प्रेम प्रसंग के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो …
धनबाद। झारखंड से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लोदना ओपी क्षेत्र में रविवार को एक युवती से प्रेम प्रसंग के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो दोस्तों के बीच ‘वो’ को लेकर चल रही रंजिश इस कदर बढ़ी कि एक युवक ने युवती के पेट में चाकू घोंप दिया। इस खूनी संघर्ष में युवती और बीच-बचाव करने आया दूसरा युवक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
दोस्ती बनी दुश्मनी: बातचीत के दौरान चला चाकू
सूत्रों के अनुसार, युवती का प्रेम संबंध दो युवकों के साथ था, जो कभी गहरे दोस्त हुआ करते थे। इस त्रिकोणीय प्रेम की सच्चाई सामने आने के बाद दोस्ती में दरार आ गई। रविवार को इसी विवाद को सुलझाने के लिए तीनों एक स्थान पर एकत्रित हुए थे। बातचीत के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ और देखते ही देखते आवेश में आकर एक युवक ने युवती पर जानलेवा हमला कर दिया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
चीख-पुकार सुनकर मौके पर जमा हुए लोग और परिजन आनन-फानन में युवती को लोदना ओपी लेकर पहुंचे। पुलिस की सक्रियता से उसे तुरंत झरिया के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में धनबाद रेफर कर दिया गया है। युवती की स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
लोदना ओपी प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है और उससे सघन पूछताछ की जा रही है। हालांकि परिजनों की ओर से अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी। स्वर्णकार समाज की एकजुटता और सामाजिक सरोकार को मजबूती देते हुए ‘स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान’ द्वारा रविवार को एक गरिमामय सामूहिक सगाई (छेका) समारोह का आयोजन किया गया। सिगरा के …
वाराणसी। स्वर्णकार समाज की एकजुटता और सामाजिक सरोकार को मजबूती देते हुए ‘स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान’ द्वारा रविवार को एक गरिमामय सामूहिक सगाई (छेका) समारोह का आयोजन किया गया। सिगरा के चंद्रिका नगर स्थित मंजुला भवन लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजीकृत 5 जोड़ों में से 3 जोड़ों की सगाई की रस्म पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई।
मांगलिक अनुष्ठान और उपहार वितरण
सगाई की यह धार्मिक प्रक्रिया कर्मकांडी विद्वान भूदेव आदित्य पांडेय के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। संस्थान की ओर से परंपराओं का निर्वहन करते हुए:
कन्या पक्ष को: बनारसी साड़ी, श्रृंगार सामग्री से सुसज्जित पेटिका और मिठाई का शगुन भेंट किया गया।
वर पक्ष को: सूट का कपड़ा और दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
ये जोड़े हुए परिणय सूत्र के प्रथम सोपान में आबद्ध
मंशा देवी (पुत्री स्व. राजेश वर्मा, हुकुलगंज) संग रामलखन (पुत्र स्व. हरि प्रसाद)।
आकाश वर्मा (पुत्र महेंद्र सेठ, पड़ाव) का छेका जालंधर की कन्या के साथ संपन्न हुआ।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के दिग्गजों ने शिरकत कर जोड़ों को आशीर्वाद दिया। मुख्य रूप से राष्ट्रीय संस्थापक इंजीनियर योगेंद्र कुमार और राष्ट्रीय संयोजक रवि सर्राफ मौजूद रहे। इनके साथ ही अनिल चंचल, ज्योति सोनी, सरिता सर्राफ, ईश्वर दयाल सिंह सेठ और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।
व्यवस्था एवं आभार
समारोह के स्वागताध्यक्ष दयाशंकर सेठ रहे, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने की। मंच का कुशल संचालन कमल कुमार सिंह द्वारा किया गया। अंत में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत संस्थान द्वारा सुरुचि भोज का भी आयोजन किया गया।
नई दिल्ली। भारत का गणतंत्र दिवस परेड केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे गौरवशाली प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को जब भारत औपचारिक रूप से …
नई दिल्ली। भारत का गणतंत्र दिवस परेड केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे गौरवशाली प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को जब भारत औपचारिक रूप से एक संप्रभु गणराज्य बना, उसी दिन देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड आयोजित हुई। यह ऐतिहासिक परेड नई दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब राष्ट्रीय स्टेडियम) में हुई थी।
यह दिन भारतीय संविधान के लागू होने और गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के समाप्त होने का प्रतीक बना, जिसने भारत को ब्रिटिश डोमिनियन से पूर्ण गणराज्य में परिवर्तित किया।
पहली गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ली सलामी
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली। उस समय समारोह आज जितना भव्य नहीं था, लेकिन इसका ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्व अत्यंत गहरा था।
अपने संबोधन में उन्होंने पहले हिंदी और फिर अंग्रेजी में कहा कि भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पूरा देश एक संविधान और एक संघ के अंतर्गत एकजुट हुआ है, जिसे 32 करोड़ से अधिक नागरिकों के कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कब इरविन स्टेडियम से राजपथ पर पहुंची गणतंत्र दिवस परेड
स्वतंत्रता के बाद शुरुआती कुछ वर्षों तक गणतंत्र दिवस परेड इरविन स्टेडियम में ही आयोजित होती रही। लेकिन जैसे-जैसे आयोजन का आकार और राष्ट्रीय महत्व बढ़ता गया, एक बड़े और अधिक प्रतीकात्मक स्थल की आवश्यकता महसूस हुई।
वर्ष 1955 में परेड को किंग्सवे (अब राजपथ, वर्तमान में कर्तव्य पथ) पर स्थानांतरित कर दिया गया। यह मार्ग राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला हुआ है और देश का सबसे प्रमुख औपचारिक मार्ग माना जाता है।
राजपथ से कर्तव्य पथ तक: गणतंत्र दिवस की पहचान बना ऐतिहासिक मार्ग
राजपथ — जिसे हाल ही में कर्तव्य पथ नाम दिया गया — जल्द ही गणतंत्र दिवस समारोह की स्थायी पहचान बन गया। यहां से परेड को नई भव्यता मिली, जिसमें—
थल, जल और वायुसेना का प्रदर्शन
राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां
भारतीय वायुसेना की फ्लाई-पास्ट
विदेशी मुख्य अतिथियों की भागीदारी
जैसे आयोजन शामिल होने लगे।
गणतंत्र दिवस परेड: भारत की एकता, विविधता और संविधान की जीवंत झलक
आज गणतंत्र दिवस परेड भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक देखे जाने वाले राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। यह परेड न केवल देश की सैन्य शक्ति, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्यों की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है।
गणतंत्र दिवस परेड की यह ऐतिहासिक यात्रा भारत के लोकतंत्र, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव की अमर कहानी बन चुकी है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। इस वर्ष कुल 131 नागरिक सम्मान प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 5 पद्म विभूषण, …
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। इस वर्ष कुल 131 नागरिक सम्मान प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। सूची में कला, सिनेमा, साहित्य, खेल, विज्ञान, चिकित्सा, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई जानी-मानी और जमीनी स्तर पर काम करने वाली हस्तियों के नाम शामिल हैं।
पद्म विभूषण से पांच विभूतियां सम्मानित
देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए जिन हस्तियों का चयन किया गया है, उनमें शामिल हैं—
वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)
प्रसिद्ध शास्त्रीय वायलिन वादक एन. राजम
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. टी. थॉमस
प्रख्यात लेखक पी. नारायणन
यह श्रेणी “असाधारण और विशिष्ट सेवा” के लिए प्रदान की जाती है।
पद्म भूषण में अलका याग्निक, ममूटी और विजय अमृतराज शामिल
“उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा” के लिए दिए जाने वाले पद्म भूषण पुरस्कार पाने वालों में प्रमुख नाम हैं—
गायिका अलका याग्निक
अभिनेता ममूटी
उद्योगपति उदय कोटक
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी
विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडेय (मरणोपरांत)
सामाजिक नेता वेल्लापल्ली नटेसन
टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज
पद्म श्री में रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर और सविता पुनिया सम्मानित
इस वर्ष पद्म श्री सूची में 113 नाम शामिल हैं। खेल जगत से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर और महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी सविता पुनिया को यह सम्मान मिलेगा। इसके अलावा कला, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और समाजसेवा से जुड़े कई जमीनी कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों को भी पद्म श्री से नवाजा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (X) पर सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, “देश के सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान ने हमारे समाज को समृद्ध किया है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”
मार्च–अप्रैल में राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और इन्हें राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मार्च या अप्रैल में प्रदान किया जाता है। इस वर्ष की सूची में 19 महिलाएं, 6 विदेशी या प्रवासी भारतीय और 16 मरणोपरांत सम्मान शामिल हैं।
पद्म पुरस्कार 2026 : संक्षिप्त सूची
पद्म विभूषण (5) धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), के. टी. थॉमस, एन. राजम, पी. नारायणन, वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)
पद्म श्री (चयनित नाम) रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर भुल्लर, सविता पुनिया, प्रोसेनजीत चटर्जी, तरुण भट्टाचार्य सहित कुल 113 हस्तियां।
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों की सूची ने एक बार फिर देश की विविध प्रतिभाओं और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले नायकों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया है।
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये …
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई शहर के आठ अलग-अलग इलाकों में एक साथ की गई, जिससे तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया।
आठ स्थानों पर एक साथ दबिश, तस्करों की कमर तोड़ी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 343/25 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/25/29 में की गई है। सोनभद्र पुलिस की पिछली कार्रवाई से मिले अहम सुरागों के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर सीधा वार किया है। इसमें शुभम जायसवाल के परिजन ही नहीं, बल्कि उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियां भी शामिल हैं।
करोड़ों की संपत्तियां पुलिस के शिकंजे में
पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में स्थित कई कीमती संपत्तियों को जब्त किया है—
जगदीशपुर में तीन संपत्तियां – कीमत लगभग 1.21 करोड़ रुपये
चेतगंज, लल्लापुरा में मकान – करीब 1.05 करोड़ रुपये
शिवपुर, भरलाई में संपत्ति – लगभग 71 लाख रुपये
मड़ौली में संपत्ति – करीब 1.15 करोड़ रुपये
भेलूपुर, तुलसीपुर (गोपाल विहार कॉलोनी) – सबसे बड़ी जब्ती, लगभग 23 करोड़ रुपये
जगतगंज, रामकटोरा में संपत्ति – करीब 1.98 करोड़ रुपये
सोनभद्र के बाद वाराणसी पुलिस की निर्णायक पहल
अधिकारियों के अनुसार, यह तस्करी नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अवैध कमाई को रियल एस्टेट समेत विभिन्न संपत्तियों में लगाया गया था। सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई के बाद मिले इनपुट के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
अवैध कमाई पर सख्त प्रहार, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति किसी भी सूरत में नहीं छोड़ी जाएगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और लोगों व संपत्तियों पर भी कार्रवाई संभव है। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
वाराणसी। गणतंत्र दिवस के मौके पर काशी महिला सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक तस्वीर पेश करने जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहली बार ऑल वुमेन पुलिस परेड का आयोजन …
वाराणसी। गणतंत्र दिवस के मौके पर काशी महिला सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक तस्वीर पेश करने जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहली बार ऑल वुमेन पुलिस परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें परेड की कमान से लेकर हर दस्ता पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों के नियंत्रण में होगा।
एडीसीपी नीतू कादयान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष परेड में कुल 400 महिला पुलिसकर्मी भाग लेंगी।
परेड की खासियत यह होगी कि घुड़सवार दस्ता, स्कूटी दस्ता, डायल 112 सेवा, कमांडो यूनिट और फायर डिस्ट्रीब्यूशन
टीम सहित सभी टुकड़ियां पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक परेड का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी मानसी सिंह करेंगी।
परेड में रिक्रूट कांस्टेबल, विभिन्न थानों में तैनात महिला उपनिरीक्षक, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और
विशेष महिला कमांडो दस्ता शामिल होगा, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।
एडीसीपी नीतू कादयान ने कहा कि अब तक गणतंत्र दिवस पर केवल एक महिला टुकड़ी परेड में शामिल होती थी,
लेकिन काशी में पहली बार संपूर्ण परेड महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की जाएगी।
इस परेड में शामिल सभी महिलाएं या तो वाराणसी में तैनात हैं या यहीं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और समाज में यह संदेश देना है कि महिलाएं
सिर्फ सुरक्षा की मोहताज नहीं, बल्कि समाज और देश की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
यह पहल महिलाओं के प्रति बनी पारंपरिक सोच को बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
एडीसीपी ने कहा कि यह आयोजन पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, ताकि सामाजिक स्तर पर सोच,
व्यवहार और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
उन्होंने कहा,
इस परेड के माध्यम से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि महिलाएं सिर्फ संरक्षित होने वाली नहीं,
बल्कि देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सक्षम प्रहरी हैं।
काशी में पहली बार होने जा रही ऑल वुमेन पुलिस परेड महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की अविनाशी नगरी काशी में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर सदियों पुरानी लोकपरंपरा के अनुरूप बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। टेढ़ीनीम …
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की अविनाशी नगरी काशी में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर सदियों पुरानी लोकपरंपरा के अनुरूप बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का विधिविधान से तिलक किया गया। यह आयोजन काशीवासियों द्वारा लोकाचार के रूप में किया जाता है, जिसमें संपूर्ण काशी बाबा के सगुन में सहभागी बनती है।
बसंत पंचमी से विवाहोत्सव की परंपराओं का शुभारंभ
काशी की परंपरा में बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ के विवाह से जुड़े मांगलिक अनुष्ठानों की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। महंत आवास पर होने वाला तिलकोत्सव काशी की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, जहां देवता और भक्त के बीच पारिवारिक भाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
पहली बार शीतलाधाम महंत परिवार ने चढ़ाया तिलक
इस वर्ष दशाश्वमेध स्थित सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के श्रीमहंत शिवप्रसाद पाण्डेय ‘लिंगिया महाराज’ ने पहली बार काशीपुराधीश्वर बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव चढ़ाया। शीतलाधाम महंत परिवार की ओर से यह पहला लोकाचार रहा, जिसे काशी की धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व के रूप में देखा गया।
भव्य तिलक यात्रा में गूंजा हर-हर महादेव
बांसफाटक स्थित श्री यंत्र पीठ से श्रीमहंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में भव्य तिलक यात्रा निकाली गई। 21 वैदिक बटुकों के मंत्रोच्चार, शहनाई की मधुर धुन, डमरुओं के नाद और शंखध्वनि के बीच 51 थालों में सजे तिलक और 56 भोग की थालियां लेकर तिलकहरुओं ने ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ महंत आवास तक यात्रा पूरी की।
टेढ़ीनीम क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर
डमरुओं की गूंज और जयघोष से पूरा टेढ़ीनीम क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। गलियों से गुजरती तिलक यात्रा को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह दृश्य काशीवासियों के लिए आस्था के साथ-साथ पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपरा का जीवंत दर्शन था।
चार वेदों के विद्वानों द्वारा विशेष वैदिक पूजन
तिलकोत्सव से पूर्व महंत आवास पर परिवार की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती मोहिनी देवी के सानिध्य में अंकशास्त्री महंत वाचस्पति तिवारी द्वारा विशेष वैदिक पूजन कराया गया। आचार्य सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में चारों वेदों के विद्वानों ने पंचबदन प्रतिमा का मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया।
भोग आरती के बाद राजसी श्रृंगार
दोपहर भोग आरती के उपरांत संजीव रत्न मिश्र (भानू मिश्र) द्वारा बाबा विश्वनाथ का भव्य राजसी श्रृंगार किया गया। विशेष वस्त्रों, आभूषणों और पुष्पों से सुसज्जित पंचबदन प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
लोकाचार में सहभागी बना पूरा काशी समाज
महंत आवास पर काशीवासियों का स्वागत किया गया और महंत वाचस्पति तिवारी तथा श्रीमहंत लिंगिया महाराज के बीच विधिवत लोकाचार संपन्न हुआ। 56 भोग अर्पित कर वैदिक मंत्रों के बीच आरती की गई।
काशी की आत्मा है यह परंपरा : लिंगिया महाराज
श्रीमहंत लिंगिया महाराज ने कहा कि बसंत पंचमी बाबा विश्वनाथ के सगुन और मांगलिक अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक है। टेढ़ीनीम महंत आवास पर होने वाला तिलकोत्सव काशी की विशिष्ट लोकपरंपरा है, जो सनातन आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखती है।
रंगभरी एकादशी तक जारी रहेंगे अनुष्ठान
बसंत पंचमी से आरंभ हुए यह मांगलिक अनुष्ठान रंगभरी एकादशी तक निरंतर चलते रहेंगे। इस अवधि में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा से जुड़ी लोकपरंपराएं निभाई जाएंगी, जो काशी की सांस्कृतिक पहचान और लोकआस्था को सशक्त करती हैं।