वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की महिला ई-ऑटो रिक्शा चालक सीता देवी से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर प्रदेश की महिलाएं अब अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई भी समाज आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम हरिहरपुर, विकासखंड काशी विद्यापीठ की रहने वाली सीता देवी से बातचीत की। सीता देवी ने बताया कि ई-ऑटो रिक्शा चलाने की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं थी। शुरुआत में समाज के लोगों ने उन्हें ताने दिए और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
सीता देवी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली। इसके बाद योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण मिलने पर उन्होंने ई-ऑटो रिक्शा खरीदा और काम शुरू किया। मेहनत और लगन के दम पर आज उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली है और लोग उन्हें “ऑटो वाली दीदी” के नाम से भी जानते हैं।

सीता देवी ने बताया कि वह न केवल स्वयं ई-ऑटो रिक्शा चलाकर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अब तक 200 से अधिक महिलाओं को ई-ऑटो रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बनाने का काम कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने सीता देवी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सीता देवी के परिवार और उन्हें प्रशिक्षण देने वाले सभी लोगों को भी बधाई दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक नील रतन पटेल की प्रतिनिधि अदिति पटेल, वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, उपयुक्त (स्वरोजगार), जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) सहित विभिन्न विभागों के लाभार्थी उपस्थित रहे।
