वाराणसी। धर्म नगरी काशी में कोतवाल माने जाने वाले बाबा काल भैरव के वार्षिक श्रृंगार महोत्सव का आयोजन पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। सोमवार को इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। महोत्सव के दौरान बाबा काल भैरव को दूल्हा स्वरूप में सजाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

मंदिर प्रांगण को फूल-मालाओं, कामिनी की पत्तियों और देशी-विदेशी फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया था। सजी हुई झांकी और आकर्षक सजावट को देखकर दर्शन करने आए श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

मंदिर के बाहर लगी लंबी कतार
महोत्सव के अवसर पर बाबा को पंचमेवा से स्नान कराया गया और उन्हें विशेष वस्त्र पहनाकर मनमोहक झांकी सजाई गई। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतार लग गई। घंटों इंतजार के बाद जब श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए तो उनका मन भक्तिभाव से भर उठा। कपाट खुलते ही भक्तों के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

50 क्विंटल फूलों से सजा दरबार
दोपहर तक बाबा के दर्शन के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। मंदिर के प्रवेश द्वार पर गुफा के आकार का विशेष सजावटी मार्ग बनाया गया था। मंदिर को करीब 50 क्विंटल फूलों और फलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था। इस दौरान बाबा को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया गया।
मंदिर प्रशासन के अनुसार दोपहर तक करीब एक लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। शाम को बाबा काल भैरव की भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। पूरे दिन मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा।
