वाराणसी। शहर में बन रहे देश के पहले शहरी रोपवे प्रोजेक्ट के किराये को लेकर प्रशासन ने नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक सफर के लिए 50 रुपये, कैंट से रथयात्रा तक 40 रुपये और कैंट से काशी विद्यापीठ तक 30 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कमिश्नर एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने किराया तय कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
वाराणसी में रोपवे परियोजना को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इसी क्रम में किराये को नए सिरे से तय किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रा के लिए 50 रुपये, कैंट से रथयात्रा तक 40 रुपये और कैंट से काशी विद्यापीठ तक 30 रुपये किराया रखा गया है।

दरअसल, कुछ दिन पहले सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रोपवे के किराये को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दरें ऐसी हों जिससे आम लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इसके बाद कमिश्नर एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने दूरी और शहर में चल रहे टेम्पो व ऑटो के किराये को आधार बनाकर यह प्रस्ताव तैयार किया। कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और 15 मई तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद करीब तीन महीने तक इसका ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए शुरू किया जाएगा।
रोपवे शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक का सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
वहीं, रोपवे स्टेशनों के भीतर बनने वाली दुकानों के किराये और आवंटन को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार रोपवे शुरू होने के बाद स्टेशनों पर आने वाली भीड़ और व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए दुकानों के किराये तय किए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि पहले चरण के सफल संचालन के बाद ही दूसरे चरण (फेज-2) की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। यदि पहला चरण सफल रहता है तो शहर के अन्य हिस्सों में भी रोपवे विस्तार की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।
