• Banaras Now, Varanasi
  • March 19, 2026

वाराणसी। शहर के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम और बीएचयू ने संयुक्त रूप से काम करने का फैसला किया है। इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई बैठक में कई अहम परियोजनाओं पर सहमति बनी। दोनों संस्थानों के बीच जल्द ही एक औपचारिक समझौता (एमओयू) किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न विकास कार्यों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

Advertisement

बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय के बाहरी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत मालवीय गेट से डाफी तक के मार्ग का सुंदरीकरण किया जाएगा, जिससे इस इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी। इसके अलावा कंदवा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नई जलनिकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे परिसर में रहने वाले हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और परिसर का वातावरण अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

इस साझेदारी का एक अहम पहलू शैक्षणिक समन्वय भी होगा। इसके तहत हर वर्ष बीएचयू के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। इससे छात्रों को शहरी नियोजन, नगर प्रबंधन और सामाजिक उद्यमिता जैसे विषयों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जो उनके करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे। नगर निगम द्वारा डोमरी क्षेत्र में विकसित किए गए शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट के संरक्षण और देखरेख में बीएचयू के वनस्पति वैज्ञानिक सहयोग करेंगे। वैज्ञानिक समय-समय पर क्षेत्र का निरीक्षण कर पौधों के बेहतर विकास के लिए तकनीकी सुझाव देंगे। यह पहल काशी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ शहरी वनीकरण के एक प्रभावी मॉडल के रूप में भी सामने आ सकती है।

बैठक के दौरान नगर निगम और बीएचयू के बीच लंबे समय से चल रहा संपत्ति कर विवाद भी सुलझा लिया गया। नगर निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में राहत दी है, जबकि बीएचयू ने शेष बकाया राशि को किस्तों में चुकाने पर सहमति जताई है। इस सहमति से दोनों संस्थानों के बीच सहयोग का नया रास्ता खुल गया है।

Author

thefrontfaceindia@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *