वाराणसी। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और सैन्य तनाव का असर अब काशी के पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों समेत कई लोगों ने अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दी हैं। इससे शहर के होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसियों के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार मार्च और अप्रैल का महीना विदेशी पर्यटकों की आमद के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार अचानक बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द होने से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है। अनुमान है कि अब तक करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित कारोबार पर असर पड़ चुका है।

पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने अपनी वाराणसी यात्रा रद्द या स्थगित कर दी है। यूरोप और खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या में बुकिंग कैंसिल होने से होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसियों को सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस बीच खाड़ी देशों में काम करने वाले पूर्वांचल के लोगों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार दुबई, कतर, सऊदी अरब और ओमान समेत अन्य देशों में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही और मिर्जापुर के करीब 200 से अधिक लोग फिलहाल फंसे हुए बताए जा रहे हैं। हवाई उड़ानों के प्रभावित होने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण उनकी घर वापसी फिलहाल मुश्किल बनी हुई है।
इसके अलावा इजराइल में सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से वाराणसी से 37 लोग काम के लिए गए हुए हैं। युद्ध की स्थिति को देखते हुए वहां भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और उड़ानों पर असर पड़ने से उनकी वापसी फिलहाल टल गई है।
दुबई में काम कर रहे वाराणसी निवासी अशोक यादव ने फोन पर बताया कि युद्ध के कारण वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कुछ उड़ानों को भी प्रभावित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने भारत लौटने के लिए टिकट बुक कराई थी, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल हो गई, जिससे अब लोग नई उड़ानों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि मीडिया में लगातार युद्ध और तनाव की खबरें प्रसारित होने के कारण पर्यटक फिलहाल यात्रा करने से बच रहे हैं। कई लोगों ने पहले से कराई गई बुकिंग को आगे की तारीखों में शिफ्ट कराने का अनुरोध भी किया है।
टूर प्लानर सुधांशु सक्सेना का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने अपनी वाराणसी यात्रा रद्द या स्थगित कर दी है। वहीं ट्रैवल एजेंट गौतम पांडेय के मुताबिक मार्च और अप्रैल का समय विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस बार कई टूर पैकेज कैंसिल हो गए हैं। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पर्यटन कारोबार को और नुकसान हो सकता है।
ट्रैवल एजेंट अरविंद शुक्ला ने बताया कि खाड़ी देशों और यूरोप से आने वाले पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट आई है। कई लोगों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी यात्रा आगे बढ़ा दी है, जिससे होटल और ट्रैवल सेक्टर प्रभावित हुआ है।
वहीं ट्रैवल एजेंट सूर्यांश तिवारी का कहना है कि कई पर्यटक फिलहाल स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही हालात सुधरेंगे, तब वे अपनी यात्रा दोबारा प्लान कर सकते हैं।
