• Banaras Now, Varanasi
  • March 19, 2026

वाराणसी: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों का असर अब देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। रसोई गैस (एलपीजी) की कथित कमी के चलते वाराणसी के प्रसिद्ध मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की रसोई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ट्रस्ट की एक शाखा में प्रसाद बनना पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरी शाखा में गैस की बचत को ध्यान में रखते हुए भोजन के मेन्यू में कटौती की जा रही है।

इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि धर्म की नगरी काशी में गैस की किल्लत और सरकारी नियमों के कारण मां अन्नपूर्णा मंदिर में प्रसाद नहीं बन सका, जिससे कई श्रद्धालुओं को बिना प्रसाद लिए ही लौटना पड़ा।

Advertisement

एक शाखा की रसोई पूरी तरह बंद

ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार अन्नक्षेत्र की दूसरी शाखा में रसोई पूरी तरह बंद करनी पड़ी है। बताया गया कि उपलब्ध गैस सिलेंडर खत्म हो चुके हैं और नए सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण प्रसाद बनाना संभव नहीं हो पा रहा है।

25 साल पुरानी है अन्नदान की परंपरा

मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना लगभग 25 वर्ष पहले महंत रामेश्वर पुरी ने की थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि यहां प्रसाद वितरण कभी बंद नहीं होगा। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी इस अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन हजारों जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता रहा।

रोजाना 8 से 10 हजार श्रद्धालु करते हैं प्रसाद ग्रहण

सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन लगभग 8 से 10 हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में कई श्रद्धालुओं को बिना प्रसाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से काशी आए भक्तों को ट्रस्ट की ओर से बताया जा रहा है कि गैस की कमी के कारण फिलहाल प्रसाद बनाना संभव नहीं है।

श्रद्धालुओं में निराशा

देश के अलग-अलग राज्यों से काशी पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने इस स्थिति पर निराशा जताई। उनका कहना है कि वे मां अन्नपूर्णा का प्रसाद ग्रहण करने की विशेष इच्छा लेकर आए थे, लेकिन यहां पहुंचने पर प्रसाद न मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

हालांकि ट्रस्ट की पहली शाखा में फिलहाल प्रसाद वितरण जारी है, लेकिन वहां भी सीमित संसाधनों के साथ व्यवस्था संचालित की जा रही है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य होने पर अन्नदान की परंपरा फिर से पूरी तरह शुरू हो जाएगी।

Author

thefrontfaceindia@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *