वाराणसी: जिले में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) भर्ती परीक्षा रविवार को जनपद के 46 विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न हुई। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले सघन जांच की गई, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखते हुए परीक्षा की सुचिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी के अनुसार जनपद में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां दो दिनों तक चार पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। इन चार पालियों में कुल 77,760 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। भर्ती बोर्ड के तय प्रोटोकॉल के अनुसार हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और इनविजिलेटर की तैनाती की गई थी।
परीक्षा कक्षों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और कंट्रोल रूम भी बनाए गए थे, जहां से लगातार परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही थी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया गया और पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी गई।
रविवार को आयोजित परीक्षा की दोनों पालियों में कुल 38,880 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 18,622 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। प्रथम पाली में 19,440 अभ्यर्थियों में से 9,221 और द्वितीय पाली में 19,440 में से 9,401 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार प्रथम पाली में लगभग 47 प्रतिशत तथा द्वितीय पाली में 48 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए 14 और 15 मार्च को लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
