वाराणसी: धार्मिक और पौराणिक महत्व वाले पिशाचमोचन कुंड के सुंदरीकरण और विकास की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को कुंड, पाथवे और आसपास के क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पिशाचमोचन तालाब की सफाई के साथ-साथ उसके चारों ओर बने पाथवे को और अधिक आकर्षक बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पाथवे के किनारे आकर्षक वाल पेंटिंग कराई जाए और बैठने के लिए जगह-जगह बेंच लगाए जाएं। इसके अलावा धूप और बारिश से बचाव के लिए खाली स्थानों पर कैनोपी (शेड) भी बनाए जाएंगे, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रात के समय कुंड की सुंदरता बढ़ाने के लिए पूरे पाथवे पर फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगाने की भी योजना बनाई गई है। नगर आयुक्त ने कहा कि काशी के ऐतिहासिक कुंडों पर आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान पिशाचमोचन कुंड के पास स्थित पार्क के सुंदरीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने मंदिर की ओर छठ पूजा के लिए एक व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं, इसलिए पहले से ही बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पर्यटकों के लिए जगमगाएगा दशाश्वमेध मार्ग
शहर के प्रमुख धार्मिक मार्गों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने दशाश्वमेध-गोदौलिया चौराहे पर लगे वाटर फव्वारों को तत्काल चालू करने का निर्देश दिया। साथ ही दशाश्वमेध घाट जाने वाले मार्ग पर लगी मौजूदा सौर लाइटों के स्थान पर अधिक रोशनी देने वाली फैंसी लाइटें लगाने को कहा गया है।
इसके अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार के पास स्थित होलिका दहन स्थल पर क्षतिग्रस्त पत्थरों को भी जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद इंद्रेश सिंह, मनीष गुप्ता, श्रवण गुप्ता, अमरेश कुमार, मुख्य अभियंता आरके सिंह समेत नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
