होली के मौके पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिहार के पटना के एक गांव में घुसे चीते के साथ लोगों ने जमकर रंग-गुलाल खेला। वीडियो में कथित तौर पर एक चीता भीड़ के बीच बेहद शांत दिखाई देता है और लोग उसके ऊपर रंग डालते नजर आते हैं।
हालांकि, पड़ताल में यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और AI जनरेटेड पाया गया है। विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स की जांच के बाद साफ हुआ कि इस वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
बिहार में चीते की मौजूदगी का दावा गलत
सबसे अहम तथ्य यह है कि बिहार में वर्तमान समय में कोई भी जंगली चीता मौजूद नहीं है। भारत में अफ्रीकी चीतों को पुनर्स्थापित करने की परियोजना के तहत उन्हें मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखा गया है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, चीतों का स्वभाव बेहद सतर्क और आक्रामक हो सकता है। इंसानों की भीड़ के बीच उनका इस तरह शांत रहना प्राकृतिक व्यवहार के विपरीत है। ऐसे में वीडियो की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
AI टूल ने भी बताया वीडियो फर्जी
यह वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि “बिहार में तेंदुआ आया और लोगों ने उसके साथ होली खेली।”
खबर बिहार की है जहां पटना स्थित एक गांव में तेंदुआ आ गया और अगर यहां कोई और राज्य के लोग होते तो डर जाते लेकिन
— Roshani Maurya (@MauryaRoshni_) March 2, 2026
बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है वहां के लोगों ने तुरत तेंदुवा के ऊपर रंग , गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया और तेंदुवा भी पूरी तरह शांत रहा पूरी वीडियो देखिए। pic.twitter.com/mGaCvrOJQn
जब इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एक्स के AI टूल Grok से सवाल किया गया, तो उसने स्पष्ट जवाब दिया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं है। ग्रोक के अनुसार, “बिहार के किसी गांव में तेंदुए या चीते के साथ होली खेलने की कोई पुष्टि नहीं है। वीडियो AI जनरेटेड या स्टेज्ड प्रतीत होता है। जंगली जानवर इतना शांत नहीं बैठता।”
क्यों खतरनाक हैं ऐसे वायरल वीडियो?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के AI वीडियो सनसनी फैलाने और वायरल होने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। लेकिन इसका नकारात्मक असर भी हो सकता है।
अगर लोग ऐसे वीडियो को सच मान लें और किसी जंगली जानवर के पास जाने या उसे छूने की कोशिश करें, तो परिणाम बेहद खतरनाक हो सकता है। यहां तक कि पालतू लेकिन आक्रामक नस्लों के कुत्ते, जैसे जर्मन शेपर्ड, भी असामान्य स्थिति में गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं।
फैक्ट चेक जरूरी
होली जैसे त्योहारों के दौरान जहां भांग और अन्य नशों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है, वहीं AI जनरेटेड कंटेंट से भी सावधान रहने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर वीडियो सच नहीं होता। ऐसे में किसी भी सनसनीखेज दावे को मानने से पहले फैक्ट चेक करना बेहद जरूरी है।
इस वायरल वीडियो की जांच में साफ हुआ है कि बिहार में चीते के साथ होली खेलने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
