वाराणसी। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने केंद्रीय बजट 2026–27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बजट बताया है। उन्होंने यह बात वाराणसी स्थित सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण का स्पष्ट रोडमैप है। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश को नई ऊंचाई दी गई है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय और 53 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है, जिससे देशभर में आधुनिक सड़कें और पुल बनाए जाएंगे। विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए जाने वालों को राहत देते हुए टीसीएस टैक्स को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने कहा कि कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे गरीबों को सस्ता इलाज मिल सकेगा। देश की बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए शी-मार्ट खोले जाएंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री @kamleshpassi67 ने आज वाराणसी में पत्रकारों के साथ केंद्रीय बजट 2026–27 पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बजट को विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाला बताया। @MoRD_GoI #budget pic.twitter.com/4tQxqSNiob
— PIB in Uttar Pradesh (@PibLucknow) February 7, 2026
उन्होंने जानकारी दी कि पुणे और दिल्ली-वाराणसी जैसे शहरों के बीच 7 नई हाई-स्पीड रेल लाइनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम होगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए काजू और नारियल को वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं मछुआरों को टैक्स और ड्यूटी से पूरी तरह राहत दी गई है।
युवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए व्यवसाय और रोजगार सृजन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का अलग फंड तैयार किया है। कॉलेज से निकलने वाले युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कॉरपोरेट मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। भारत को टेक्नोलॉजी हब बनाने के लिए चिप और सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश के 200 पुराने और बंद पड़े औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित किया जाएगा। श्री पासवान ने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद भारत ने अपने राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित कर यह साबित किया है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है।
उन्होंने बताया कि देश में 5 बड़े मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रक्षा क्षेत्र को मजबूत करते हुए इस बार रक्षा बजट को 26 प्रतिशत बढ़ाकर 7.84 लाख करोड़ रुपये किया गया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल अगले पांच वर्षों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह बजट इज ऑफ डूइंग बिजनेस, रेल, स्वास्थ्य, युवा, कृषि, हवाई सेवा, गांव, गरीब और किसान जैसे सभी क्षेत्रों को नई गति देगा।
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही मोबाइल और बैटरी निर्माण के लिए आवश्यक खनिजों हेतु ओडिशा और दक्षिण भारत में विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
अंत में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
