• Banaras Now, Varanasi
  • March 5, 2026

वाराणसी। वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को पड़ रहा है। यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूतक काल सुबह 9:20 बजे से प्रभावी हो जाएगा और ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और धार्मिक कार्यों पर विराम रहेगा।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार यह ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण का प्रारंभ भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही इसकी शुरुआत हो जाएगी। भारत में चंद्रोदय शाम 6:12 बजे होगा। खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष देश के सुदूर पूर्वी भागों में दिखाई देगा, जबकि अन्य हिस्सों में खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष ही दृष्टिगोचर होगा।

यह चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखाई देगा। वहीं चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर क्षेत्र में देखा जा सकेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण सूर्य की राशि सिंह और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।

सूतक में क्या करें, क्या न करें

सूतक लगने के बाद मंदिर में प्रवेश, मूर्ति स्पर्श, भोजन और यात्रा को वर्जित माना गया है। हालांकि बच्चे, वृद्ध और रोगी आवश्यकता होने पर भोजन कर सकते हैं। घरों में दूध, दही, घी जैसी खाद्य सामग्री में कुश या तुलसी का पत्ता रखने की सलाह दी गई है। ग्रहण मोक्ष के बाद ताजा पानी का उपयोग करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ग्रहण काल में नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे सुई, चाकू और कैंची का प्रयोग न करने की बात कही गई है। इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” या इष्ट देव के मंत्रों का जप करना और चंद्र से संबंधित मंत्रों का उच्चारण शुभ माना गया है।

इन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

कर्क राशि

चंद्रग्रहण दूसरे भाव में लगेगा, जो धन और कुटुंब का भाव माना जाता है। परिवार में वाद-विवाद और आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। वाणी पर संयम रखें।

सिंह राशि

यह ग्रहण सिंह राशि में ही लगेगा। मानसिक तनाव, जीवनसाथी से अनबन और आर्थिक हानि की आशंका है। संतान की सेहत पर ध्यान देना होगा।

कन्या राशि

द्वादश भाव में ग्रहण लगने से स्वास्थ्य और खर्च बढ़ने की संभावना है। सेहत को लेकर सतर्क रहें।

मीन राशि

छठे भाव में लगने वाला यह ग्रहण शत्रु पक्ष को मजबूत कर सकता है। उधार लेन-देन से बचें और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें।

ग्रहण के कारण होली से जुड़े शुभ कार्य इस दिन नहीं किए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में संयम, जप और साधना को विशेष फलदायी माना गया है।

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thefrontfaceindia@gmail.com

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