वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 29 मकानों को तोड़ा जा चुका है और 101 हिस्सेदारों को लगभग 24 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
वाराणसी के दालमंडी इलाके में मकर संक्रांति के बाद शुक्रवार से फिर से ध्वस्तीकरण अभियान आरंभ हुआ। शुक्रवार को मकान संख्या सीके 43/187 पर कार्रवाई की गई। पहले मजदूरों द्वारा मकान को हाथ से तोड़ा गया, इसके बाद बुलडोजर को मौके तक लाकर ढहाने का काम किया गया।
दालमंडी की गलियां काफी संकरी हैं, जहां सामान्य रूप से केवल पैदल आवाजाही संभव है। इसके बावजूद बुलडोजर को अंदर तक पहुंचाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाजार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण था। अतिक्रमण हटने के बाद विकास कार्यों में और तेजी लाई जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य अप्रैल 2026 तक पूरे क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह के अनुसार, अब तक 29 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 28 मकान पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत दालमंडी को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक बाजार के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने इसे विकास के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने अपने घरों को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा प्रदान की जाएगी।
