वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने रफ्तार बढ़ा दी है। परियोजना की जद में आने वाले भवनों की रजिस्ट्री और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अब रोजाना के आधार पर आगे बढ़ेगी। इसी सप्ताह से दालमंडी में प्रतिदिन एक-एक भवन गिराने की कार्रवाई की जाएगी। नई सड़क से चौक थाने तक करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 17.5 मीटर (लगभग 60 फुट) चौड़ा किया जाना है। इसके लिए 60 भवनों के कागजात प्रशासन के पास पहुंच चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार अब तक 60 भवनों के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 29 भवनों की रजिस्ट्री पूरी कर ली गई है। चौक थाने में बनाए गए अस्थायी कैंप कार्यालय में लगातार भवन स्वामी रजिस्ट्री कराने पहुंच रहे हैं।
रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जा रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान रोपवे परियोजना के साथ-साथ दालमंडी सड़क चौड़ीकरण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
दालमंडी में मलबा हटाने का काम जारी
दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तहत रविवार को मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी रहा। पहले से तोड़े गए भवनों का मलबा हटवाया गया। मजदूरों द्वारा हथौड़ों से निर्माण गिराया जा रहा है, जबकि जहां स्थान उपलब्ध है वहां जेसीबी मशीन से मलबा उठाया जा रहा है। वहीं, वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से अवैध निर्माण हटाने को लेकर मुनादी भी कराई जा रही है।
वीडीए के अनुसार 22 मकानों को अवैध घोषित किया गया है, जिन पर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि अब तक 24 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इनमें से 6 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 5 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई फिलहाल जारी है।
