वाराणसी। दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकानदार ने कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर अपनी दुकान में आग लगा दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, हालांकि वहां तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात को जल्द काबू में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे कई दुकानदारों और स्थानीय लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। उनका आरोप है कि नगर निगम ने बिना किसी विस्तृत सर्वे के भवनों को जर्जर घोषित कर दिया और अगले ही दिन नोटिस जारी कर दिए गए। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने नोटिस का जवाब भी दिया, इसके बावजूद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि हाल के निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ के चलते संबंधित इमारतों की हालत और अधिक कमजोर हो गई थी, जिससे सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था। इसी कारण एहतियातन कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जर्जर घोषित पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है, हालांकि जमीन का स्वामित्व प्रभावित लोगों के पास ही रहेगा।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दालमंडी क्षेत्र में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। मौके पर एडीएम सिटी, डीसीपी और एसीपी समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। डीसीपी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति ने पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की, जिसकी पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मौके पर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है।
