वाराणसी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। 0, 1 और 2 के बीच बढ़ते संघर्ष ने कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर आशंका पैदा कर दी है। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले दिनों में Petrol-Diesel की कीमतें बढ़ेंगी और क्या Fuel Shortage की स्थिति बन सकती है?
वाराणसी में क्या हैं ताजा रेट?
सोमवार, 2 मार्च को वाराणसी में Petrol की कीमत 95.23 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि Diesel 88.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बीते 10 दिनों में Diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार फिलहाल आपूर्ति सामान्य है और कीमतों में भी स्थिरता बनी हुई है।
विजया स्थित एक पेट्रोल पंप के मैनेजर सुभाष चन्द्र ने बताया कि तेल कंपनियां प्रतिदिन रेट तय करती हैं, लेकिन आज किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य की स्थिति सरकार और तेल कंपनियों की नीति पर निर्भर करेगी।
आम लोगों में बढ़ी चिंता
पेट्रोल भरवाने आए ज्योति प्रकाश का कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका सीधा असर Petrol-Diesel Prices पर पड़ेगा। उनका मानना है कि ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं और Inflation पर दबाव पड़ेगा।
वहीं सौरभ ने कहा कि अभी कीमतें स्थिर हैं, लेकिन यदि आपूर्ति बाधित हुई तो आने वाले दिनों में Fuel Prices बढ़ना तय है। उन्होंने सरकार और तेल कंपनियों से पहले से तैयारी रखने की अपील की, ताकि आम लोगों पर बोझ कम पड़े।
भारत 85% Crude Oil करता है आयात
भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत Crude Oil आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल 3 से होकर गुजरता है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। यदि इस मार्ग पर बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Prices में तेज उछाल आ सकता है।
फिलहाल वाराणसी में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए बाजार और उपभोक्ता दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक स्थिति के आधार पर Petrol-Diesel की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।
