ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हमले के लिए इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराए जाने के बीच प्रदेश सरकार ने एहतियातन हाई अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह उच्चस्तरीय बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद लखनऊ सहित विभिन्न जनपदों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिया बाहुल्य इलाकों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। त्योहारों के मद्देनजर अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और हिंसक गतिविधियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में तीन दिवसीय शोक का ऐलान
लखनऊ में शिया समुदाय ने खामेनेई की शहादत पर तीन दिन का शोक घोषित किया है। मौलाना कल्बे जवाद ने समुदाय से प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। देशभर के शिया समुदाय से भी एक ही समय पर शोकसभा आयोजित करने का आह्वान किया गया है।
कश्मीर में भी प्रदर्शन
कश्मीर के कई हिस्सों में, खासकर शिया बहुल इलाकों में, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाजी की और ईरान के प्रति एकजुटता जताई। कई स्थानों पर खामेनेई की तस्वीरों और काले झंडों के साथ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया।
ईरानी दूतावास की वैश्विक अपील
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने विश्व समुदाय से हमले की निंदा करने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय देशों को इस घटना पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
इस बीच, ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया है।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
