वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दस लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान विश्वनाथ को दूल्हे के स्वरूप में सजाया गया। तड़के सुबह 2:15 बजे मंगला आरती संपन्न हुई, जिसके बाद पंचामृत अभिषेक किया गया।

मोरपंख और रुद्राक्ष की मालाओं से सजे बाबा के दर्शन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। धाम परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। आसपास की गलियों में पांच किलोमीटर तक लंबी कतारें लगी रहीं। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन के लिए कुछ ही सेकंड का समय मिल पा रहा है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार धाम के द्वार लगातार 45 घंटे तक खुले रहेंगे। इस बार वीआईपी और वीवीआईपी प्रोटोकॉल को स्थगित कर दिया गया है, ताकि आम श्रद्धालुओं को प्राथमिकता मिल सके। व्यवस्थाएं इस प्रकार की गई हैं कि कतार में लगे भक्त लगभग 25 मिनट के भीतर गर्भगृह तक पहुंच सकें।
अमेरिका सहित 10 देशों से विदेशी श्रद्धालु भी काशी पहुंचे हैं। कैलिफोर्निया से आए भक्तों ने दर्शन के बाद स्वयं को सौभाग्यशाली बताया। रूस की मारियाना ने कहा कि यहां आकर उन्हें भगवान शिव की महिमा को समझने का अवसर मिला।
भारी भीड़ को देखते हुए शहर के अधिकांश होटल, लॉज और धर्मशालाएं पूरी तरह बुक हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एटीएस कमांडो तैनात हैं और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।

इसी बीच प्रयागराज में महाशिवरात्रि के अवसर पर माघ मेले का अंतिम स्नान जारी है। प्रशासन का अनुमान है कि 15 से 20 लाख श्रद्धालु इस पवित्र स्नान में शामिल होंगे। लखनऊ और गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न शिव मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
