वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर उस समय अशांत हो गया जब सैकड़ों छात्रों ने एकजुट होकर हल्ला बोल प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर अगली सुनवाई तक रोक लगाए जाने के बाद से ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि इस फैसले से सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जिसे वे कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
फिलहाल विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर की सेमेस्टर परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, ऐसे में प्रदर्शन से प्रशासन की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया के जरिए पहले से दिए गए आह्वान के बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में जुटे। हालात को देखते हुए कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।

प्रदर्शनकारी छात्र सबसे पहले समाज चौराहे पर इकट्ठा हुए और नारे लगाते हुए केंद्रीय पुस्तकालय की ओर बढ़े। छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “यूजीसी लागू करो”, “100 में से 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है” और “द्रोणाचार्य होशियार, अंगूठा काटना बंद करो” जैसे नारे लिखे थे। इसके बाद छात्र मानविकी संकाय होते हुए प्रशासनिक भवन की ओर बढ़े, जिससे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। करीब एक घंटे तक छात्र अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होकर प्रदर्शन करते रहे।
एससी-एसटी-ओबीसी एकता मंच की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर छात्रों और आम जनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई। पोस्टरों में यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन की बात कही गई, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली। छात्रों का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के वंचित वर्ग के छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। चीफ प्रॉक्टर केके सिंह ने बताया कि परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। पांच फरवरी से सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सभी छात्रों को पहचान पत्र या फीस रसीद साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध दस्तावेज के प्रवेश नहीं मिलेगा और नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
