सीमा हैदर ने बेटे को दिया जन्म, छठी बार बनीं मां, सचिन मीणा के घर खुशी का माहौल
नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने एक बार फिर बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनकी डिलीवरी हुई। यह उनका छठा बच्चा …
नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने एक बार फिर बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनकी डिलीवरी हुई। यह उनका छठा बच्चा …
नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने एक बार फिर बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनकी डिलीवरी हुई। यह उनका छठा बच्चा है।
जानकारी के अनुसार, करीब 11 महीने पहले उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था। इससे पहले उनके चार बच्चे पाकिस्तान में उनके पहले पति से हैं। वहीं उनके भारतीय पति सचिन मीणा से यह उनका दूसरा बच्चा है।
चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। शाम को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीमा अपने पति के साथ रबूपुरा स्थित आवास पहुंचीं, जहां परिवार और पड़ोसियों ने उनका स्वागत किया।
सचिन के परिजनों ने इस खुशी के मौके पर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों ने मां और शिशु की सेहत को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि सीमा हैदर वर्ष 2023 से रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही हैं। दोनों की कहानी पहले भी सुर्खियों में रही है। यह दंपती सोशल मीडिया पर सक्रिय है और इनके यूट्यूब चैनल को 20 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
कोलंबो। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी …
कोलंबो। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद इशान किशन ने आक्रामक अंदाज में पारी को संभाला। उन्होंने 40 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। किशन ने मात्र 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर मुकाबले की दिशा बदल दी।
मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव (32 रन), तिलक वर्मा (25 रन) और शिवम दुबे (27 रन) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।
पाकिस्तान की ओर से साइम अयूब ने तीन विकेट लिए, जबकि शाहीन अफरीदी और सलमान अली आगा को एक-एक सफलता मिली।
176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान शून्य पर आउट हो गए। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने साइम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को पवेलियन भेजकर मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी।
बाबर आज़म भी सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। उस्मान खान ने 44 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और बुमराह की सटीक गेंदबाजी के आगे पूरी पाकिस्तानी टीम 114 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में अपनी जगह मजबूत कर ली और खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी और पुख्ता कर दी।
9 फरवरी की सुबह संसद परिसर में यह खबर तेजी से फैल गई कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसी …
9 फरवरी की सुबह संसद परिसर में यह खबर तेजी से फैल गई कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसी के साथ यह चर्चा भी शुरू हो गई कि विपक्ष एकजुट होकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। इससे पहले राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के साथ भी विपक्ष की ऐसी ही टकरावपूर्ण स्थिति देखी जा चुकी है।
सुबह कुछ समय तक स्पीकर ओम बिरला सदन में मौजूद रहे, लेकिन उनके जाने के बाद पीठासीन सभापति के रूप में संध्या राय ने कार्यभार संभाला। इसी दौरान राहुल गांधी ने खड़े होकर कहा कि स्पीकर ने स्वयं वादा किया था कि उन्हें बजट चर्चा से पहले बोलने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अब उस वादे से पीछे क्यों हट रहे हैं और क्या उन्हें अपने मुद्दे रखने की अनुमति मिलेगी या नहीं।
इस पर संध्या राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बजट पर बोलना है तो बोलिए, अन्यथा अपनी सीट पर बैठ जाइए।
दोपहर करीब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू होनी थी। उस समय शशि थरूर की बोलने की बारी थी, लेकिन राहुल गांधी अपनी सीट से खड़े होकर बोलना चाहते थे। इस पर पीठासीन सभापति संध्या राय ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनके पास राहुल गांधी की ओर से कोई नोटिस नहीं है।
उन्होंने साफ किया कि संसदीय प्रक्रिया के बिना कोई चर्चा संभव नहीं है। यदि बजट पर बोलना है तो निर्धारित नियमों के तहत बोलिए, नहीं तो बैठ जाइए। इस फैसले के बाद राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिला।
राहुल गांधी स्पीकर ओम बिरला की मौजूदगी में भी नहीं बोल पाए और बाद में संध्या राय के सामने भी उन्हें अनुमति नहीं मिली। इसके बाद यह बहस और तेज हो गई कि क्या सरकार जानबूझकर राहुल गांधी को बोलने से रोक रही है।
हालांकि संध्या राय, जो संसद में अपेक्षाकृत जूनियर सांसद हैं और दूसरी बार ही चुनाव जीतकर आई हैं, लेकिन स्पीकर की कुर्सी पर बैठने के बाद उनका आदेश सर्वोपरि होता है। राहुल गांधी के साथ यह पहला ऐसा टकराव था, जिसके बाद संध्या राय सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अचानक चर्चा का विषय बन गईं।
लोकसभा में जब शोर-शराबा चरम पर होता है और अचानक एक सख्त महिला आवाज गूंजती है— “माननीय सदस्यगण, बैठ जाइए!” —तो समझ लिया जाता है कि कुर्सी पर संध्या राय हैं।
भिंड की गलियों से निकलकर संसद की अध्यक्षता तक पहुंची संध्या राय की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। भीड़ में भी वह अपने पारंपरिक अंदाज़ के कारण आसानी से पहचानी जाती हैं। सिर पर पल्लू, बड़ी बिंदी और सादगी भरी साड़ी उनका सिग्नेचर लुक है।
उनका व्यक्तित्व पारंपरिक भारतीय महिला का है, लेकिन जब वह सदन चलाती हैं, तो उनकी आवाज़ में अनुशासन और नेतृत्व का साफ अहसास होता है। सॉफ्ट लुक के साथ हार्ड डिसिप्लिन—यही संध्या राय की राजनीतिक पहचान बन चुकी है।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जन्मी संध्या राय ने ग्वालियर और मुरैना से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने समाजशास्त्र में एमए किया और इसके बाद एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में आने से पहले उनका झुकाव नौकरी की ओर था, लेकिन परिस्थितियां उन्हें जनसेवा की राह पर ले आईं।
2013 में वह पहली बार विधायक बनीं। इसके बाद भिंड आरक्षित सीट से लगातार दो बार बड़ी जीत दर्ज कर उन्होंने साबित किया कि उनकी पकड़ सिर्फ राजनीति के गलियारों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के बीच भी मजबूत है।
संध्या राय की जिंदगी का सबसे चौंकाने वाला पहलू उनकी बेहद कम उम्र में हुई शादी है। 1984 में, जब वह सिर्फ 10 साल की थीं और पांचवीं कक्षा में पढ़ती थीं, तभी उनका विवाह कर दिया गया। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें शादी की कोई याद भी नहीं है। पांच साल बाद उनका गौना हुआ।
सौभाग्य से उन्हें ऐसा ससुराल मिला, जिसने न सिर्फ उन्हें पढ़ने दिया बल्कि वकील बनने में भी पूरा सहयोग किया। यही समर्थन आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
राजनीति में आने का फैसला उनका निजी सपना नहीं था। उनके पति सुमन राय सरकारी नौकरी छोड़कर बीजेपी और आरएसएस से जुड़ गए थे। परिवार के दबाव में संध्या राय को भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बनाया गया।
2000 में जब मुरैना के पास अम्बाह मंडी अध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुआ, तो संध्या राय ने पहला चुनाव लड़ा और 26 साल की उम्र में जीत हासिल की। यहीं से उनके राजनीतिक सफर की नींव पड़ी।
उनके काम को देखते हुए बीजेपी ने 2003 में उन्हें दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दिया, जहां से वह पहली बार विधायक बनीं। 2019 में भिंड लोकसभा सीट से जीतकर वह क्षेत्र की पहली महिला सांसद बनीं। 2024 में दोबारा जीत के बाद उन्हें स्पीकर के पैनल में शामिल किया गया।
संध्या राय की राजनीति अब तक विवादों से दूर रही है, लेकिन स्पीकर की कुर्सी संभालने के बाद विपक्ष के निशाने पर आ गई हैं। विपक्ष का आरोप है कि वह सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाती हैं और विपक्षी सांसदों को पर्याप्त समय नहीं देतीं।
हालांकि हर आरोप का जवाब वह संसदीय नियमों की किताब दिखाकर देती हैं। विपक्ष से सख्ती से निपटने की उनकी शैली पार्टी के भीतर उनका कद लगातार बढ़ा रही है।
अलीगढ़। वेलेंटाइन वीक के दूसरे दिन रविवार को प्रपोज डे पर एक युवक की कथित “आशिकी” उस पर ही उलटी पड़ गई। थाना सासनीगेट क्षेत्र के मोहल्ला खाईडोरा में एक युवती …
अलीगढ़। वेलेंटाइन वीक के दूसरे दिन रविवार को प्रपोज डे पर एक युवक की कथित “आशिकी” उस पर ही उलटी पड़ गई। थाना सासनीगेट क्षेत्र के मोहल्ला खाईडोरा में एक युवती को रोककर “बाबू–सोना” कहने की कोशिश करना युवक को महंगा पड़ गया। युवती ने सरेआम चप्पलों से युवक की पिटाई कर दी, वहीं मौके पर जुटी भीड़ ने भी उसे पकड़कर जमकर खरी-खोटी सुनाई।
जानकारी के अनुसार, खाईडोरा इलाके की 17 वर्षीय युवती पास ही एक प्रतिष्ठान पर काम करती है। आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से एक युवक उसका पीछा कर रहा था, जिसकी जानकारी युवती ने अपने परिजनों को पहले ही दे दी थी।
रविवार को जब युवती जयगंज पोस्ट ऑफिस के पास पहुंची, तभी युवक पीछे से आवाज देते हुए उसे रोकने लगा। युवती के अनदेखा करने पर युवक ने आगे बढ़कर उसका रास्ता रोक लिया। इससे घबराकर युवती ने शोर मचा दिया।
शोर सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और युवक को पकड़ लिया। इसके बाद युवती ने चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। कुछ ही देर में युवती के परिजन भी वहां पहुंच गए। पूछताछ में युवक ने अपना नाम इमरान, निवासी भुजपुरा बताया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाना सासनीगेट ले गई। थाने पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती और हिंदूवादी नेता रवि वर्मा सहित अन्य लोग भी पहुंचे। युवती के परिजनों की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
लखनऊ। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत जारी टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट को उत्तर प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम नीतिगत संकेत माना जा …
लखनऊ। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत जारी टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट को उत्तर प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम नीतिगत संकेत माना जा रहा है। इस समझौते में भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को औसतन 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने और चुनिंदा श्रेणियों में शून्य शुल्क लागू करने का प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस टैरिफ व्यवस्था का लाभ उत्तर प्रदेश के श्रम-प्रधान उद्योगों, एमएसएमई और क्लस्टर आधारित उत्पादन इकाइयों को मिलेगा। भदोही-मिर्जापुर कार्पेट बेल्ट, वाराणसी सिल्क सेक्टर, कानपुर-आगरा लेदर क्लस्टर, पश्चिमी यूपी के होम डेकोर उद्योग और राज्य के कृषि-आधारित निर्यात क्षेत्रों के लिए यह समझौता दीर्घकालिक अवसर लेकर आ सकता है।
ज्वाइंट स्टेटमेंट के तहत टेक्सटाइल और अपैरल उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती तथा रेशम आधारित उत्पादों को शून्य शुल्क के दायरे में लाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे भदोही-मिर्जापुर के हस्तनिर्मित कालीन और वाराणसी के सिल्क उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मिलने की संभावना है। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के पावरलूम और रेडीमेड गारमेंट उद्योग को भी वैश्विक बाजार में नई पहुंच मिल सकती है।
कानपुर और आगरा के लेदर व फुटवियर उद्योग लंबे समय से ऊंचे टैरिफ के कारण लागत दबाव झेल रहे थे। प्रस्तावित कटौती से इन क्लस्टर्स की निर्यात लागत घटने और अमेरिकी खरीदारों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे एमएसएमई इकाइयों को सीधे निर्यात का अवसर भी मिल सकता है।
मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जैसे क्षेत्रों में सक्रिय होम डेकोर और हस्तशिल्प उद्योग को भी टैरिफ राहत से लाभ मिलने की संभावना है। शुल्क घटने से छोटे उत्पादकों और कारीगरों की अमेरिकी बाजार तक सीधी पहुंच आसान हो सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर मूल्यवर्धन और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों पर शून्य शुल्क का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आम, सब्जियां, मसाले और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के निर्यात से जुड़े फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर्स, मेगा फूड पार्क और एफपीओ को इससे सीधा लाभ मिल सकता है।
फार्मा, मशीनरी और ऑटो कंपोनेंट्स पर न्यूनतम या शून्य शुल्क की व्यवस्था से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने में मदद मिल सकती है। साथ ही डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
ज्वाइंट स्टेटमेंट में डेयरी, अनाज, पोल्ट्री और जीएम फूड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में घरेलू हितों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। आयात उदारीकरण को चरणबद्ध और संतुलित रखने की बात कही गई है, ताकि किसानों और ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ समझौता उत्तर प्रदेश के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार सृजन के लिहाज से दीर्घकालिक संरचनात्मक अवसर प्रदान कर सकता है, बशर्ते राज्य स्तर पर लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता मानक और क्लस्टर आधारित नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस तबादला सूची में डीजी स्तर से लेकर एसपी …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस तबादला सूची में डीजी स्तर से लेकर एसपी और एसएसपी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। कई महत्वपूर्ण जिलों और कमिश्नरेट में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जारी आदेश के अनुसार सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है, जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। के. एस. इमानुएल को डीजीपी का जीएसओ नियुक्त किया गया है। विनोद कुमार सिंह को आईजी पुलिस अकादमी मुरादाबाद बनाया गया है।
वाराणसी कमिश्नरेट में आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त और गाजियाबाद कमिश्नरेट में राजकरण नैय्यर को अपर पुलिस आयुक्त बनाया गया है। सोमेन बर्मा को डीआईजी अयोध्या रेंज की जिम्मेदारी दी गई है। कानपुर कमिश्नरेट में संकल्प शर्मा और विपिन टाडा को संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
लखनऊ में अभिषेक यादव को डीआईजी एटीएस, आशीष तिवारी को डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज तथा प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय बनाया गया है।
जिलों में भी कई नए एसपी और एसएसपी की तैनाती की गई है। कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर, डॉ. ख्याति गर्ग को एसपी लखीमपुर खीरी, यशवीर सिंह को एसपी बस्ती, चारू निगम को एसपी सुल्तानपुर और अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है।
इसी क्रम में डॉ. कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर, अविनाश पांडे को एसएसपी मेरठ, अपर्णा रजत कौशिक को एसपी मिर्जापुर, रवि कुमार को एसपी रायबरेली, सुकृति माधव को एसपी पीलीभीत और सर्वानन टी को एसपी अमेठी नियुक्त किया गया है।
वहीं अनुकृति को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है।
सरकार के इस कदम को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा …
दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय जो SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया चल रही है, उसे लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसमें भाजपा की सीधी भूमिका दिखाई दे रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा जिसकी वोट कटवाना चाहती है, उसका वोट कटवाया जा रहा है और जिसका वोट जुड़वाना चाहती है, उसका वोट जुड़वाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष या आम लोग इस संबंध में कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उन्हें नजरअंदाज कर रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक लोगों के वोट बनें और लोकतंत्र मजबूत हो। लेकिन चुनाव आयोग के अधिकारियों का जिस तरह का व्यवहार सामने आ रहा है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की कोशिश रहती है कि अहम मुद्दों पर चर्चा न हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब चीन से जुड़े सवालों पर नेता प्रतिपक्ष और अन्य दल जानकारी हासिल करना चाहते थे, तब भारतीय जनता पार्टी पीछे हट गई।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।
Weather in UP: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। रविवार को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि देखने को मिली, जबकि सोमवार …
Weather in UP: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। रविवार को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि देखने को मिली, जबकि सोमवार के लिए भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अचानक आए इस बदलाव के चलते शनिवार देर रात से दिल्ली-एनसीआर, तराई क्षेत्रों और उत्तराखंड से सटे इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू हो गया। पश्चिम से उठे विक्षोभ के प्रभाव से रविवार को दिनभर रुक-रुक कर वर्षा होती रही।
बागपत में सर्वाधिक 25 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बिजनौर में 16 मिमी और मुरादाबाद में 15 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को यह बारिश मध्य यूपी, अवध क्षेत्र और बुंदेलखंड तक फैल सकती है। कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित कुछ इलाकों में ओले गिरने की सूचना भी मिली है।
वहीं बरेली, प्रयागराज और कानपुर में सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।
अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड के साथ नमी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को पश्चिमी यूपी के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 16 जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। राजधानी लखनऊ में भी अगले दो दिनों तक हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, यह मौसमी बदलाव 4 फरवरी तक बना रह सकता है। तराई इलाकों में बारिश के साथ कोहरे का असर भी देखने को मिलेगा।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, जालौन, झांसी, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर और आसपास के क्षेत्र।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, जालौन, झांसी और आसपास के इलाके।
बांदा, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के इलाके।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026-27 पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। 85 मिनट के बजट भाषण में किसानों, पशुपालकों, वस्त्र उद्योग, तकनीक …
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026-27 पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। 85 मिनट के बजट भाषण में किसानों, पशुपालकों, वस्त्र उद्योग, तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
सरकार ने घरेलू खपत बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने का एलान किया है। वहीं कुछ सेक्टरों पर टैक्स बढ़ने से कई चीजें महंगी भी होंगी।
सरकार का उद्देश्य मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है। EV, सेमीकंडक्टर और सोलर सेक्टर को राहत देकर निवेश आकर्षित करने की कोशिश की गई है।
Budget 2026 में आम जनता को दवाइयों, EV और रोजमर्रा के कुछ उत्पादों में राहत मिली है, जबकि शराब, खनिज और ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियां महंगी होंगी। इसका असर आने वाले समय में बाजार और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देगा।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए इतिहास रच दिया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में …
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए इतिहास रच दिया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में सरकार ने ‘युवाशक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को केंद्र में रखते हुए विकास की नई दिशा तय की है। बजट का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, तकनीकी उन्नयन और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने पर रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और करीब 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की है, जो पिछले वर्ष 11.2 लाख करोड़ रुपये था। इस बढ़े हुए निवेश से सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और शहरी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक नए फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाला एक विशेष ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ विकसित किया जाएगा, जिससे खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत देश में चिप निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटन बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, फार्मास्यूटिकल सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी, जिसके अंतर्गत तीन अत्याधुनिक संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नए टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार की रणनीति छह प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होगी, जिनमें रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग, पुराने उद्योगों का पुनरुद्धार, एमएसएमई को मजबूत बनाना, शहरी विकास, आर्थिक सुरक्षा और रोजगार सृजन शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य उत्पादकता बढ़ाकर तेज और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय स्थिरता हासिल की है। महंगाई पर नियंत्रण बना हुआ है और ऊर्जा तथा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ी है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत मजबूत नीतियों के बल पर विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।
,
