नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान अकासा एयर के खड़े विमान से …
नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान अकासा एयर के खड़े विमान से टकरा गया, जिससे दोनों विमानों को नुकसान पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट का बोइंग 737-700 विमान रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी उसका विंग अकासा एयर के पहले से खड़े विमान से जा भिड़ा। इस टक्कर में स्पाइसजेट के विमान का दाहिना विंगलेट क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि अकासा एयर के विमान के बाएं हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है।
दोनों विमानों को ऑपरेशन से हटाया गया
घटना के बाद एहतियातन दोनों विमानों को तत्काल ऑपरेशन से बाहर कर दिया गया है। स्पाइसजेट का विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर ही खड़ा कर दिया गया है, जबकि अकासा एयर के विमान को भी उड़ान के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया
अकासा एयर की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उनकी फ्लाइट हैदराबाद के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन घटना के बाद विमान को वापस बे पर लाना पड़ा। सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है।
स्पाइसजेट ने भी दी जानकारी
स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि टैक्सींग के दौरान हुई इस घटना में उनके विमान के विंगलेट को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल विमान को जांच के लिए दिल्ली में ही रोका गया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब दो विमानों के विंग आपस में टकरा गए थे। हालांकि, उस दौरान भी कोई बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई थी।
फिलहाल, इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है और एयरपोर्ट अथॉरिटी पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम एक भीषण आग ने तबाही मचा दी। देखते ही देखते आग ने झुग्गी-झोपड़ी बस्ती को अपनी चपेट में ले …
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम एक भीषण आग ने तबाही मचा दी। देखते ही देखते आग ने झुग्गी-झोपड़ी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। आग इतनी भयावह थी कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही बस्ती में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। करीब 30 से लेकर 100 तक सिलेंडरों में धमाके होने की बात सामने आ रही है, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने बच्चों और सामान को छोड़कर जान बचाने के लिए भागते नजर आए।
3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान इलाके की बिजली काट दी गई थी, जिससे अंधेरा छा गया। बाद में जनरेटर और बड़ी लाइटों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया।
दर्दनाक दावे और लापता लोगों की तलाश
एक पीड़ित युवक ने दावा किया कि उसके चार बच्चे आग में जिंदा जल गए। हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बच्चे अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस अग्निकांड में सैकड़ों परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। लोगों के पास खाने-पीने तक का सामान नहीं बचा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना देने के बावजूद गाड़ियां देर से पहुंचीं, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बस्ती को खाली कराने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई हो सकती है। फिलहाल इस एंगल से भी जांच की मांग उठ रही है।
बड़े नेताओं ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी घटना पर चिंता जताई और पीड़ितों को हर संभव मदद देने की बात कही। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
#WATCH | Uttar Pradesh Deputy CM Brajesh Pathak says, "This is a massive fire. More than 20 fire tenders are present here. Firefighting operations are underway. Fire officers are also here. Chief Medical Officer is also here. Ambulances have been called here. We are rushing… https://t.co/xJ2p5cHeI5pic.twitter.com/FtQmTsS595
आग में कई मवेशी भी झुलस गए, जिनमें कुछ की मौत और कई के घायल होने की खबर है। हादसे के चलते आसपास के इलाकों में भारी जाम लग गया और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फॉरेंसिक टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच में जुटे हैं। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या सिलेंडर लीकेज की जताई जा रही है, लेकिन साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
(अपडेट जारी: प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्य में जुटा, कूलिंग ऑपरेशन जारी)
वाराणसी। शहर के भीड़भाड़ वाले दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को तय समय जून तक पूरा करने के लक्ष्य ने प्रशासन की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में चिन्हित …
वाराणसी। शहर के भीड़भाड़ वाले दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को तय समय जून तक पूरा करने के लक्ष्य ने प्रशासन की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में चिन्हित भवनों को गिराने का काम तेजी से जारी है, लेकिन संकरी गलियों में जमा मलबा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। राहगीरों और स्थानीय कारोबारियों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन भवनों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें से करीब 30 भवनों को पूरी तरह ध्वस्त करने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिलहाल जिन इमारतों को गिराया जा रहा है, उन्हें इस सप्ताह के अंत तक पूरी तरह हटाने की योजना है। इसके बाद अगले चरण में अन्य भवनों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
चौड़ीकरण की इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर हथौड़े, ड्रिल मशीन और अन्य उपकरणों के जरिए इमारतों को तोड़ने में जुटे हैं। साथ ही मलबा हटाने के लिए भी अलग से टीम लगाई गई है, ताकि रास्ता जल्द से जल्द साफ किया जा सके। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि मलबे के ढेर से दालमंडी की तंग गलियों में आवागमन बाधित हो रहा है।
प्रशासन का दावा है कि सभी प्रभावित भवन स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है और उनकी सहमति से रजिस्ट्री कराई जा रही है। सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 191 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, खासकर श्री काशी विश्वनाथ धाम आने-जाने में राहत मिलेगी।
वहीं, स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ लोग इसे शहर के विकास के लिए जरूरी कदम मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि इससे उनके रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ेगा। प्रशासन की ओर से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को भवन खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। अधिकारियों की टीम मौके पर निगरानी बनाए हुए है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
बाधा डालने पर हुई थी गिरफ्तारी
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का नवम्बर में विरोध प्रदर्शन हुआ था। कुछ लोगों ने लेड़फोड़ को रोकने की कोशिश की थी इस पर वीडीए के अफसर ने सरकारी काम में बाधा डालने और योजना का काम प्रभावित करने पर दो नामजद व 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नामजद लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से तोड़फोड़ को लेकर कोई खुलकर विरोध नहीं कर रहा है। वहीं दबी जुबान में लोगों का कहना है कि भवनों और दुकानों के ध्वस्तीकरण से व्यापार प्रभावित होगा और कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा।
मुआवजा देकर करा रहे रजिस्ट्री
दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आए भवनों के तोड़फोड़ को लेकर प्रशासन का दावा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए दालमंडी का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इससे लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी साथ ही क्षेत्र का भी विकास होगा। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं को इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से काफी सहूलियत होगी।
पटना: सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। उनके साथ विजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। …
पटना: सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। उनके साथ विजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार का औपचारिक गठन हो गया है।
करीब दो दशकों बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिला है। सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता हैं, जो इस पद तक पहुंचे हैं। शपथग्रहण समारोह राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित हुआ, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान जेपी नड्डा सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समारोह से पहले मंदिर दर्शन
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे अपने सरकारी आवास से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। समारोह राष्ट्रीय गीत के साथ शुरू हुआ, जिसमें नीतीश कुमार की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रही।
राजनीतिक हलचल तेज
नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा।
मंत्रीमंडल विस्तार की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल का विस्तार पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद किया जा सकता है। जेडीयू और अन्य सहयोगी दलों से कई नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। जिन नामों की चर्चा है, उनमें श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, मदन सहनी, जमा खान और अन्य नेता शामिल हैं।
बीजेपी की ऐतिहासिक उपलब्धि
बताया जा रहा है कि भाजपा ने करीब 46 साल बाद बिहार में सत्ता की कमान सीधे अपने हाथ में ली है। पार्टी लंबे समय तक सहयोगी की भूमिका में रही, लेकिन अब पहली बार मुख्यमंत्री पद हासिल किया है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त
शपथग्रहण समारोह को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहा और केवल वीआईपी व अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
क्या बोले नेता
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद नेताओं ने नई सरकार को स्थिर और विकासोन्मुखी बताया। साथ ही कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी संभालेंगे। पार्टी …
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी संभालेंगे। पार्टी की विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
विधायक दल की बैठक में बनी सहमति
भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगी। उनके नाम का प्रस्ताव विजय कुमार सिन्हा ने रखा, जिसे रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत कई विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
सम्राट चौधरी ने जताया आभार
नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले दो दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा से जुड़ने के बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों की सहमति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया है। उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को अब नई सरकार आगे बढ़ाएगी।
नीतीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और अन्य नेता भी मौजूद रहे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने जनता का अभिवादन किया।
जल्द पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी जल्द ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध और हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रमिकों …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध और हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रमिकों की मांगों और हालात को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति की सिफारिशों के आधार पर मजदूरी दरों में संशोधन किया गया, जिससे लाखों श्रमिकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
अलग-अलग श्रेणियों में बढ़ी मजदूरी
नई दरों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी में लगभग 2300 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में भी क्रमशः 2600 और लगभग 2900 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी मजदूरी बढ़ाई गई है, जहां अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में अलग-अलग स्तर पर इजाफा हुआ है। वहीं, अन्य जिलों में भी श्रमिकों को राहत देने के लिए मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है।
संतुलन बनाते हुए लिया गया निर्णय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब उद्योग जगत पहले से ही बढ़ती लागत, कच्चे माल की महंगाई और निर्यात में कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। इसके बावजूद श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और उद्योगों का संचालन भी प्रभावित न हो।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
सरकार ने यह भी साफ किया है कि सोशल मीडिया पर न्यूनतम मजदूरी 20,000 रुपये किए जाने जैसी खबरें भ्रामक हैं। लोगों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करें।
आगे भी होगा व्यापक समाधान
शासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यह बढ़ोतरी फिलहाल तत्काल राहत के रूप में लागू की गई है। भविष्य में श्रम कानूनों की समीक्षा और वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान पर भी काम किया जाएगा।
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक युवती से जुड़े प्रेम प्रसंग …
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक युवती से जुड़े प्रेम प्रसंग के चलते चार युवकों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक शिवम सिंह (22) को 8 अप्रैल की रात शराब पिलाने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद आरोपियों ने बांस के डंडे से उसके सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी। अगली सुबह 9 अप्रैल को उसका शव रणवीरपुर गांव के पास सड़क किनारे खेत में मिला था।
14 घंटे बाद हुई मृतक की पहचान
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन करीब 14 घंटे बाद पुलिस ने मृतक की पहचान कर ली और जांच को आगे बढ़ाया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को प्रेम संबंध का एंगल मिला, जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक का युवती से संबंध था, जबकि उसी युवती से अन्य युवक भी संपर्क में थे। इसी वजह से आरोपियों ने शिवम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। साजिश के तहत उसे नदी किनारे ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गाजीपुर-मऊ बॉर्डर के पास से अनमोल सिंह उर्फ छंगर और अंचल राजभर को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बांस का डंडा, बाइक और स्कूटी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी …
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमजान उर्फ रिंकू के रूप में हुई है, जो उन्नाव जिले के नई सराय का निवासी है। STF टीम ने उसे 13 अप्रैल 2026 को कृष्णानगर स्थित बैकुंठ धाम वीआईपी रोड से दबोचा।
बरामद सामान
4.645 किलोग्राम अवैध चरस
एक मोबाइल फोन
आधार कार्ड
₹4670 नकद
नेपाल से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह नेपाल सीमा से चरस लाकर बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसकी आपूर्ति करता था। आरोपी काफी समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है।
खुफिया सूचना पर कार्रवाई
STF को लगातार मिल रही गोपनीय सूचनाओं के आधार पर टीम को सक्रिय किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना कृष्णानगर में NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल …
मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि देशभर के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
आज दोपहर 4 बजे शिवाजी पार्क, मुंबई में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सुबह से ही उनके मुंबई स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो उनके देश के प्रति योगदान और सम्मान को दर्शाता है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
सुबह लगभग 10:30 बजे से उनके अंतिम दर्शन शुरू हुए। बड़ी संख्या में प्रशंसक, कलाकार और गणमान्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हालांकि, परिवार की ओर से अपील की गई है कि अंतिम संस्कार के समय अधिक भीड़ न हो, ताकि व्यवस्था बनाए रखना आसान रहे।
सचिन तेंदुलकर हुए भावुक
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ आशा भोसले के घर पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद वह परिवार के सदस्यों से मिलकर भावुक हो गए और उन्हें गले लगाकर सांत्वना देते नजर आए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।
प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गजों ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा जी की आवाज ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी गायकी ने दुनियाभर के लोगों के दिलों को छुआ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उनके निवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने भी उन्हें याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
फिल्मी जगत में शोक, सितारों की आंखें नम
अभिनेता रितेश देशमुख, अभिनेत्री तब्बू और दिग्गज अदाकारा आशा पारेख समेत कई फिल्मी हस्तियां अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। तब्बू इस दौरान काफी भावुक दिखीं और उन्होंने आशा भोसले के परिवार, खासकर उनकी पोती को गले लगाकर ढांढस बंधाया।
एक्ट्रेस आशा पारेख ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि आशा पारेख पर फिल्माए ‘पर्दे में रहने दो’, ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ और ‘ओ मेरे सोना रे सोना रे’ जैसे गानों की आवाज आशा भोसले ने दी थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंतिम संस्कार से पहले शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
80 से अधिक वर्षों का स्वर्णिम संगीत सफर
आशा भोसले का संगीत करियर आठ दशकों से भी अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गाने गाए। उन्होंने फिल्मी, गैर-फिल्मी, ग़ज़ल, पॉप और भक्ति संगीत समेत कई शैलियों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनके गाए गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
उन्होंने अपने करियर में 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत 100 से अधिक पुरस्कार जीते। इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया था।
विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी
आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक ऐसी पहचान थीं, जिनकी आवाज ने पीढ़ियों को जोड़ा। उनकी गायकी में भावनाओं की गहराई और विविधता दोनों झलकती थीं।
आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीत और उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा और भारतीय संगीत इतिहास में उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के …
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के भीतर भगवान गणेश के चांदी के 7 मुकुट चुरा लिए और फरार हो गए। पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
हेलमेट पहनकर आए चोर, महिला साथी भी शामिल
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चोरी करने वाला आरोपी हेलमेट पहने हुए था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। उसके साथ एक महिला भी थी, जिसने पूरी घटना में उसका साथ दिया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों बेहद शातिर तरीके से मंदिर में प्रवेश करते हैं और कुछ ही मिनटों में मुकुट लेकर निकल जाते हैं।
600 ग्राम चांदी के मुकुट हुए चोरी
बताया जा रहा है कि चोरी हुए सातों मुकुटों का कुल वजन करीब 600 ग्राम है। ये मुकुट रोजाना भगवान गणेश की प्रतिमा पर सजाए जाते थे और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र थे। इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, केस दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में नाराजगी
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है।