वाराणसी। अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’’ को लेकर वाराणसी में विप्र समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को अहिल्याबाई घाट पर विप्र समाज काशी के अध्यक्ष …
वाराणसी। अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’’ को लेकर वाराणसी में विप्र समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को अहिल्याबाई घाट पर विप्र समाज काशी के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शुक्ला के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया और फिल्म के नाम को आपत्तिजनक बताते हुए इसे बदलने अथवा फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
डॉ. पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि सनातन धर्म के सभी सोलह संस्कारों में ब्राह्मणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और समाज सदैव राष्ट्र निर्माण में योगदान देता आया है। ऐसे में किसी फिल्म के माध्यम से ब्राह्मण समाज की छवि को धूमिल करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बार-बार ब्राह्मण समाज को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिल्म का नाम नहीं बदला गया या इसे बैन नहीं किया गया, तो विप्र समाज आगे और व्यापक आंदोलन करेगा। प्रदर्शनकारियों ने घाट पर नारेबाजी करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में संस्कृत के बटुक, ब्राह्मण, पंडित और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान ‘फिल्म बंद करो’, ‘ब्राह्मणों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ और ‘जयतु भारतम्-जयतु संस्कृतम्’ जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शन में विशाल औढेकर, संजय उपाध्याय, बृजेश शुक्ला सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। विप्र समाज ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तावित वाराणसी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 30 एकड़ भूमि में विकसित हो …
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तावित वाराणसी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 30 एकड़ भूमि में विकसित हो रहा यह स्टेडियम आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाओं से लैस होगा, जहां भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के साथ-साथ आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जा सकेंगे।
इस स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसका भगवान शिव से प्रेरित वास्तुशिल्प डिजाइन होगा। डिजाइन में डमरू, त्रिशूल और बेलपत्र जैसे प्रतीकों की झलक देखने को मिलेगी, जो काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना न केवल खेल सुविधाओं को बढ़ावा देगी बल्कि वाराणसी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह स्टेडियम काशी के आधुनिक विकास और परंपरा के संगम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगा।
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 29 मकानों को तोड़ा जा चुका है और 101 …
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 29 मकानों को तोड़ा जा चुका है और 101 हिस्सेदारों को लगभग 24 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
वाराणसी के दालमंडी इलाके में मकर संक्रांति के बाद शुक्रवार से फिर से ध्वस्तीकरण अभियान आरंभ हुआ। शुक्रवार को मकान संख्या सीके 43/187 पर कार्रवाई की गई। पहले मजदूरों द्वारा मकान को हाथ से तोड़ा गया, इसके बाद बुलडोजर को मौके तक लाकर ढहाने का काम किया गया।
दालमंडी की गलियां काफी संकरी हैं, जहां सामान्य रूप से केवल पैदल आवाजाही संभव है। इसके बावजूद बुलडोजर को अंदर तक पहुंचाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाजार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण था। अतिक्रमण हटने के बाद विकास कार्यों में और तेजी लाई जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य अप्रैल 2026 तक पूरे क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह के अनुसार, अब तक 29 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 28 मकान पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत दालमंडी को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक बाजार के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने इसे विकास के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने अपने घरों को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा प्रदान की जाएगी।
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर उस समय अशांत …
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर उस समय अशांत हो गया जब सैकड़ों छात्रों ने एकजुट होकर हल्ला बोल प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर अगली सुनवाई तक रोक लगाए जाने के बाद से ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि इस फैसले से सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जिसे वे कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
फिलहाल विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर की सेमेस्टर परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, ऐसे में प्रदर्शन से प्रशासन की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया के जरिए पहले से दिए गए आह्वान के बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में जुटे। हालात को देखते हुए कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
प्रदर्शनकारी छात्र सबसे पहले समाज चौराहे पर इकट्ठा हुए और नारे लगाते हुए केंद्रीय पुस्तकालय की ओर बढ़े। छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “यूजीसी लागू करो”, “100 में से 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है” और “द्रोणाचार्य होशियार, अंगूठा काटना बंद करो” जैसे नारे लिखे थे। इसके बाद छात्र मानविकी संकाय होते हुए प्रशासनिक भवन की ओर बढ़े, जिससे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। करीब एक घंटे तक छात्र अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होकर प्रदर्शन करते रहे।
एससी-एसटी-ओबीसी एकता मंच की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर छात्रों और आम जनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई। पोस्टरों में यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन की बात कही गई, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली। छात्रों का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के वंचित वर्ग के छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। चीफ प्रॉक्टर केके सिंह ने बताया कि परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। पांच फरवरी से सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सभी छात्रों को पहचान पत्र या फीस रसीद साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध दस्तावेज के प्रवेश नहीं मिलेगा और नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर 15 फरवरी 2026 को होने वाली पूजा-आरती और दर्शन की समय-सारणी जारी कर दी है। न्यास द्वारा जारी कार्यक्रम …
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर 15 फरवरी 2026 को होने वाली पूजा-आरती और दर्शन की समय-सारणी जारी कर दी है। न्यास द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मंगला आरती प्रातः 2 बजकर 15 मिनट से प्रारंभ होगी। इसके बाद मंदिर प्रातः 3 बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, मध्याह्न भोग आरती प्रातः 11 बजकर 40 मिनट से संपन्न होगी। इसके अलावा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर चारों प्रहर की विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रात्रि से लेकर प्रातः तक श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
न्यास ने बताया कि महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि सभी भक्त सुगमता से दर्शन-पूजन कर सकें।
वाराणसी। पूर्वांचल की आपराधिक दुनिया में वर्षों तक रहस्यमय बने रहे शातिर शूटर बनारसी यादव का आखिरकार अंत हो गया। मंगलवार देर रात स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ मुठभेड़ में …
वाराणसी। पूर्वांचल की आपराधिक दुनिया में वर्षों तक रहस्यमय बने रहे शातिर शूटर बनारसी यादव का आखिरकार अंत हो गया। मंगलवार देर रात स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ मुठभेड़ में वह मारा गया। बनारसी यादव पर वाराणसी, गाजीपुर सहित कई जिलों में हत्या समेत कुल 21 मुकदमे दर्ज थे और वह 10 हत्याओं में वांछित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बनारसी यादव ऐसा अपराधी था जिसे पुलिस लंबे समय तक सिर्फ नाम से जानती थी, लेकिन उसका चेहरा पहचान में नहीं आ पाया था। वह कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और लगातार अपना हुलिया बदलता रहता था। यही कारण रहा कि कई संगीन वारदातों के बाद भी वह पुलिस की पकड़ से बाहर बना रहा।
महेंद्र गौतम हत्याकांड से उजागर हुई पहचान
सारनाथ क्षेत्र में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद पहली बार बनारसी यादव का नाम ठोस रूप से सामने आया। गहन जांच के दौरान पुलिस को उसकी तस्वीर मिली, जिसके बाद से STF और स्थानीय पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुट गईं।
जांच में सामने आया कि गाजीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर योगेंद्र यादव ने 50 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर हुए विवाद में महेंद्र गौतम की हत्या की साजिश रची थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बनारसी यादव को पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। 21 अगस्त 2025 को कॉलोनाइजर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने बनारसी यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
STF से मुठभेड़
मंगलवार देर रात पुख्ता सूचना के आधार पर STF ने वाराणसी में बनारसी यादव को घेर लिया। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान दो सिपाहियों के पास से गोलियां निकलीं, लेकिन वे सुरक्षित बच गए।
जवाबी कार्रवाई में STF ने फायरिंग की, जिसमें बनारसी यादव को दो गोलियां लगीं। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हथियार बरामद
एनकाउंटर के बाद मौके से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, बनारसी यादव गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र का रहने वाला था और पूर्वांचल में सुपारी लेकर हत्याएं करने वाले बड़े शूटरों में गिना जाता था।
वाराणसी। काशी में बन रहे देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे के जरिए पर्यटक जल्द ही प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे। टावर इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होने …
वाराणसी। काशी में बन रहे देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे के जरिए पर्यटक जल्द ही प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे। टावर इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होने के बाद प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन में रोप पुलिंग की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने जा रही है। रोप पुलिंग से पहले तकनीकी परीक्षण और निरीक्षण के लिए ऑस्ट्रिया से विदेशी विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम इसी सप्ताह वाराणसी पहुंचेगी।
मोदी-योगी सरकार द्वारा पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
स्विट्जरलैंड की कंपनी कर रही रोपवे का निर्माण
काशी में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विश्व के तीसरे अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना का निर्माण स्विट्जरलैंड की प्रतिष्ठित कंपनी बर्थोलेट द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के स्विस इंजीनियर वाराणसी में रहकर आवश्यक उपकरणों की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अनुसार, रोपवे के प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन (रथयात्रा से गोदौलिया) पर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। रोप पुलिंग शुरू करने से पहले ऑस्ट्रिया स्थित “रोप एक्सपर्ट्स” कंपनी के इंजीनियर स्टेशन, टावर एलाइनमेंट और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच करेंगे।
तीन स्टेशनों पर उपकरण इंस्टॉल, ट्रायल रन लगभग पूरा
कैंट रेलवे स्टेशन (रेलवे जंक्शन), विद्यापीठ और रथयात्रा रोपवे स्टेशनों पर संचालन से जुड़े लगभग सभी उपकरण इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इन तीनों स्टेशनों के बीच रोप पोलिंग के बाद ट्रायल रन का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है।
पहले सेक्शन में भी ऑस्ट्रिया की एक्सपर्ट कंपनी “रोप एक्सपर्ट्स” के इंजीनियरों द्वारा रोप पुलिंग की प्रक्रिया संपन्न
वाराणसी। गंगा नदी पर मालवीय पुल के समीप प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण कार्य की शुरुआत अगले महीने फरवरी से होने जा रही है। पुल की डिजाइन फाइनल होने के बाद …
वाराणसी। गंगा नदी पर मालवीय पुल के समीप प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण कार्य की शुरुआत अगले महीने फरवरी से होने जा रही है। पुल की डिजाइन फाइनल होने के बाद रेल मंत्रालय द्वारा निर्माण कंपनी के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। फरवरी के पहले सप्ताह में कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी जाएगी। इसके साथ ही पीएम नगर निगम के नए सदन की आधारशिला भी रख सकते हैं।
करीब तीन साल में सिग्नेचर ब्रिज को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह रेल-सह-सड़क पुल मालवीय पुल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर, नमो घाट और पड़ाव के बीच समानांतर रूप से बनाया जाएगा। निर्माण कार्य की निगरानी उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से गठित टीम करेगी।
देश का सबसे बड़ा सिग्नेचर ब्रिज होगा
बीते 8 नवंबर को काशी दौरे पर आए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने इसे देश का सबसे बड़ा सिग्नेचर ब्रिज बताया था। अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
2600 करोड़ की लागत, 1074 मीटर लंबा ब्रिज
करीब 2600 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सिग्नेचर ब्रिज 1074 मीटर लंबा होगा। इसके निचले हिस्से में चार लेन का रेलवे ट्रैक और ऊपरी हिस्से में छह लेन की सड़क बनाई जाएगी। आधुनिक तकनीक के जरिए गंगा नदी के बीच आठ पिलर स्थापित किए जाएंगे।
वाराणसी स्टेशन और डीडीयू जंक्शन को मिलेगा नया रेल ट्रैक
ब्रिज के साथ-साथ वाराणसी रेलवे स्टेशन और दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन को जोड़ने के लिए नया रेल ट्रैक भी बनाया जाएगा, जिससे रेल यातायात और अधिक सुगम हो सकेगा।
उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव के अनुसार, सिग्नेचर ब्रिज निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और कंपनी चयन के बाद तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिदेव मंदिर के पास स्थित विजय लक्ष्मी गेस्ट हाउस में देह व्यापार का अवैध कारोबार संचालित होने का खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी हेल्पलाइन …
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिदेव मंदिर के पास स्थित विजय लक्ष्मी गेस्ट हाउस में देह व्यापार का अवैध कारोबार संचालित होने का खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस और एसओजी-2 टीम ने संयुक्त रूप से गेस्ट हाउस पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान तीन युवतियों, एक ग्राहक और गेस्ट हाउस के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
एसीपी अपूर्व पांडेय ने बताया कि हेल्पलाइन पर सूचना मिली थी कि गेस्ट हाउस में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की, जहां एक युवक और एक युवती आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए, जबकि दो अन्य युवतियां भी वहां मौजूद थीं। इसके बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने बताया कि बरामद सामग्री से देह व्यापार की गतिविधियों की पुष्टि होती है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, ग्राहकों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साथ ही गेस्ट हाउस संचालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
लखनऊ/वाराणसी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में काशी कॉरिडोर के जरिए काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है और विकास की …
लखनऊ/वाराणसी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में काशी कॉरिडोर के जरिए काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है और विकास की एक नई गाथा लिखी गई है। उन्होंने कहा कि काशी और अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन भी उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक विकास त्रिकोण के सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं, जहां संस्कृति, आस्था और विरासत की नई चेतना प्रदेश की पहचान को और मजबूत कर रही है।
वाराणसी में तीन दिवसीय पिंडरा महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर मंत्री जयवीर सिंह ने आयोजकों और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक परंपराओं के संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रयासों से आज प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे आयोजन हो रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संस्कृति, परंपरा और भारतीय मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने काशी को मोक्षदायिनी भूमि बताते हुए कहा कि काशी कॉरिडोर परियोजना ने शहर को नई पहचान दी है। वहीं, अयोध्या में 500 वर्षों के बाद भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देश के लिए गर्व का विषय है।
राम आएंगे तो अँगना सजाऊंगी की गायिका स्वाति मिश्रा ने पिंडरा महोत्सव में बिखेरा जलवा
जयवीर सिंह ने कहा कि ‘हर-हर महादेव’ से लेकर ‘राधे-राधे’ तक, पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक वातावरण और मजबूत हुआ है। चाहे काशी हो, अयोध्या हो, मथुरा-वृंदावन हो या अन्य तीर्थ स्थल, हर जगह पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विधायक डॉ. अवधेश सिंह सहित जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर पिंडरा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
पिंडरा महोत्सव में भोजपुरी सितारों की धूम
वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में 30 जनवरी से 1 फरवरी तक नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित हो रहा तीन दिवसीय पिंडरा महोत्सव कला, संस्कृति और विकास का संगम प्रस्तुत कर रहा है। महोत्सव में सांसद मनोज तिवारी और अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब मनोरंजन किया। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया गया है।
महोत्सव की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों के लिए खेलकूद और शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, जबकि महिलाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण बने हुए हैं।