वाराणसी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर …
वाराणसी।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर की गई उनकी कथित विवादित टिप्पणी के मामले में गुरुवार को वाराणसी की अदालत में सुनवाई टल गई। राहुल गांधी के कानूनी पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत में वकालतनामा पेश किया और अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कुछ और समय की मांग की। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने एमपी-एमएलए कोर्ट (अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ) में एक याचिका दायर की थी। इस अर्जी के मुताबिक, राहुल गांधी 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी के एक छात्र संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम को ‘पौराणिक’ और उस दौर की गाथाओं को ‘काल्पनिक’ करार दिया था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने विदेशी धरती पर जाकर जानबूझकर राम मंदिर का विरोध किया और सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किया।
कोर्ट में अब तक क्या हुआ?
शुरुआत में, 27 मई 2025 को निचली अदालत ने इस शिकायत को ‘पोषणीय’ (रखरखाव योग्य) न मानते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता हरिशंकर पांडेय ने सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण (रिवीजन) याचिका दायर की। सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और लोअर कोर्ट को इस अर्जी पर नए सिरे से दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया था, जो कि वर्तमान में पेंडिंग है।
इसी बीच, राहुल गांधी की तरफ से वकील श्रीनाथ त्रिपाठी और अनुज यादव ने अदालत में औपचारिक तौर पर वकालतनामा दाखिल कर अपना पक्ष रखने की मोहलत मांगी, जिसके बाद अब इस मामले की अगली रूपरेखा 24 जुलाई को तय होगी।
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने वाले फरार आरोपी को …
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने वाले फरार आरोपी को धर दबोचा है। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई।
कॉलेज की दोस्ती जो बन गई अभिशाप
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पीड़ित युवती और आरोपी विभव मिश्रा (उम्र 24 वर्ष) की मुलाकात साल 2021 में मिर्जामुराद स्थित केआईटी (KIT) कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। आरोपी विभव मिश्रा मूल रूप से मिर्जापुर जिले के कोतवाली देहात थाना अंतर्गत पिपराडाड का रहने वाला है।
शादी का वादा कर 5 साल तक किया गुमराह
पीड़िता ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विभव ने उससे शादी करने का पक्का वादा किया था। इसी झांसे में रखकर वह साल 2021 से लेकर 2026 तक अलग-अलग जगहों पर उसके साथ पति-पत्नी की तरह शारीरिक संबंध बनाता रहा।
जब भी युवती उस पर शादी का दबाव बनाती, तो वह अपनी बहनों की शादी का बहाना बनाकर बात को टाल देता था। पीड़िता का यह भी कहना है कि इस रिश्ते की जानकारी विभव के परिवार वालों को भी थी और उन्होंने एक पंचायत के दौरान दोनों की शादी कराने का भरोसा भी दिया था।
मुकरने पर दी धमकी, फिर दर्ज हुआ केस
हद तो तब हो गई जब विभव और उसके परिवार वाले अपने वादे से पूरी तरह मुकर गए। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे डरा-धमकाकर अपने घर से खदेड़ दिया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने मिर्जामुराद थाने की शरण ली और आपबीती सुनाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जेल भेजा गया
मिर्जामुराद थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता दिखाई। जांच अधिकारी को तफ्तीश के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत मिले। इसके बाद पुलिस ने आरोपी विभव मिश्रा को थाने बुलाकर पूछताछ की और फिर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश करने की आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने …
बेवजह सड़कों की खुदाई पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं और आगामी श्रावण मास की कानून व्यवस्था को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला स्थानीय निवासियों के हित में लिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए ‘काशीवासियों’ के लिए एक अलग मार्ग की व्यवस्था की जाए। पूर्व मंत्री व विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशी की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर में जलजीवन मिशन और अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का मरम्मत कार्य (रेस्टोरेशन) साथ-ही-साथ अनिवार्य रूप से कराया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायत बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलजीवन मिशन के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही, निर्माणाधीन एकीकृत मंडलीय कार्यालय को 18 महीने में पूरा करने, यूनिटी मॉल के काम में तेजी लाने और बहुप्रतीक्षित वाराणसी रोपवे परियोजना को हर हाल में अगस्त तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया।
सुगम कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा
सावन मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने निर्देश दिया कि इस दौरान श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे—साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, मेडिकल कैंप, आपदा प्रबंधन, खोया-पाया केंद्र और निःशुल्क लॉकर सेवा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने ताकीद की कि मैदागिन से गोदौलिया के बीच लगने वाले बैरिकेड्स इस तरह दुरुस्त हों कि किसी भी श्रद्धालु के पैर में चोट न लगे। साथ ही, जर्जर भवनों के पास बैरिकेडिंग करते समय विशेष सावधानी बरती जाए। होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर श्रद्धालुओं से मनमाना किराया या शुल्क न वसूला जाए, इसके लिए प्रशासन को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे-परिवहन में समन्वय और जल पुलिस को हाई अलर्ट
भीड़ नियंत्रण और पुख्ता सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को रेलवे और परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित करने और सीसीटीवी से लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। मंदिर की व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके ड्यूटी रोस्टर में लगातार बदलाव किया जाए, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर सीधे-साधे श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या चीटिंग की गुंजाइश न रहे।
बॉर्डर पर बढ़ेगी पेट्रोलिंग, वाराणसी में 36 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स पूरे
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को बॉर्डर एरिया में विशेष सतर्कता बरतने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने और हर 6 महीने में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने का निर्देश दिया। आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही गई। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि साल 2014 से अब तक वाराणसी में 36,210 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 536 प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा चुके हैं, जबकि वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये के 191 विकास कार्य तेजी से गतिमान हैं। इस बैठक में कई कैबिनेट मंत्रियों, स्थानीय विधायकों और प्रशासनिक व पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (Shri Kashi Vishwanath Temple) में आगामी श्रावण मास को लेकर व्यापक और चाक-चौबंद तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ …
वाराणसी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (Shri Kashi Vishwanath Temple) में आगामी श्रावण मास को लेकर व्यापक और चाक-चौबंद तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। मंगलवार को वाराणसी के आला अधिकारियों की मौजूदगी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवड़ियों और शिवभक्तों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध दर्शन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
इस वर्ष महादेव का सबसे प्रिय महीना सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन के दौरान पूरे एक महीने काशी पूरी तरह शिवभक्तों के रंग में रंगी नजर आएगी। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को बाबा विश्वनाथ का उनके अलग-अलग दिव्य और अलौकिक स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। यह अद्भुत नजारा भक्तों को एक अनोखी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सावन के चारों सोमवार को बाबा के विभिन्न रूपों के दर्शन होंगे। 03 अगस्त को पहले सोमवार के दिन बाबा का ‘श्री शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद 10 अगस्त को दूसरे सोमवार को ‘गौरी-शंकर’ (शंकर-पार्वती) रूप, 17 अगस्त को तीसरे सोमवार को ‘अर्धनारीश्वर’ रूप और 24 अगस्त को चौथे व अंतिम सोमवार को बाबा का अलौकिक ‘रुद्राक्ष श्रृंगार’ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सावन के समापन के ठीक पहले 27 अगस्त को पूर्णिमा के पावन अवसर पर वार्षिक ‘झूला श्रृंगार’ का भव्य आयोजन होगा।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर योगी सरकार बेहद गंभीर है। सावन में उमड़ने वाले जनसैलाब को देखते हुए जिग-जैग रेलिंग, अतिरिक्त बैरिकेडिंग, जगह-जगह चिकित्सा सहायता शिविर, ओआरएस-पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और सेवा के इस मजबूत गठजोड़ से हर शिवभक्त बिना किसी असुविधा के बाबा धाम में जलाभिषेक कर सकेगा।
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ (Shri Kashi Vishwanath Dham) धाम में आगामी श्रावण मास की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए मंगलवार शाम एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बार …
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ (Shri Kashi Vishwanath Dham) धाम में आगामी श्रावण मास की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए मंगलवार शाम एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बार सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाबा के दरबार में प्रवेश के लिए 7 गेट निर्धारित किए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे सावन महीने में किसी भी तरह की ‘वीआईपी प्रोटोकॉल’ व्यवस्था लागू नहीं होगी; चाहे कोई भी हो, सबको कतार में लगकर ही बाबा के दर्शन करने होंगे।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीएम सत्येंद्र कुमार समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
भक्तों की सहूलियत के लिए खास इंतजाम
प्रशासन ने बाबा के भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
गर्मी से राहत: कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए बड़े इंडस्ट्रियल एयर कूलर लगाए जाएंगे। साथ ही पेयजल, मेडिकल कैंप, ओआरएस, ग्लूकोज और चौबीसों घंटे एंबुलेंस की तैनाती रहेगी।
मुफ्त गोल्फ कार्ट: बुजुर्गों, दिव्यांगों और लाचार श्रद्धालुओं के लिए गोदौलिया से मैदागिन के बीच निशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और नियंत्रण: भीड़ को संभालने के लिए जिग-जैग रेलिंग पर एक्स्ट्रा बैरिकेडिंग की जाएगी। पूरे परिसर की सीसीटीवी से निगरानी होगी और 6 जगहों पर ‘खोया-पाया केंद्र’ काम करेंगे।
जरूरी सूचना: मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए न आएं, क्योंकि भीड़ के कारण लाइन में लंबा वक्त लग सकता है।
इन चीजों पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध, नहीं मिलेंगे बैगेज काउंटर
सुरक्षा कारणों से इस बार धाम के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, बड़े बैग, मेटल की चीजें, तंबाकू और सिगरेट जैसी प्रतिबंधित सामग्रियां ले जाने की बिल्कुल इजाजत नहीं होगी। सबसे जरूरी बात यह है कि इस बार मंदिर परिसर में निःशुल्क बैगेज काउंटर (सामान रखने की जगह) संचालित नहीं किए जाएंगे, इसलिए श्रद्धालु अपना सामान पहले ही सुरक्षित जगह रखकर आएं।
चारों सोमवार को होगा बाबा का अलौकिक श्रृंगार
इस साल सावन के चारों सोमवार (3, 10, 17 और 24 अगस्त) को बाबा विश्वनाथ का भव्य और विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद 27 अगस्त (पूर्णिमा) को झूला श्रृंगार और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को सामान्य दर्शन होंगे। जो भक्त वाराणसी नहीं आ सकते, वे मंदिर न्यास की ऑफिशियल वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के माध्यम से घर बैठे बाबा के ‘लाइव दर्शन’ का लाभ उठा सकेंगे।
वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्दीपुर (रोटी ढाबा के पास) में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक तेज रफ्तार निजी बस ने एक महिला को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर …
वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्दीपुर (रोटी ढाबा के पास) में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक तेज रफ्तार निजी बस ने एक महिला को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान आकांक्षा श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत सीनियर मैनेजर राहुल बसाक की पत्नी थीं।
स्कूल से लौटते वक्त हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, आकांक्षा सुबह अपनी सात साल की बेटी प्रियांगी (कक्षा 3 की छात्रा) को गिलट बाजार स्थित उसके स्कूल छोड़कर पैदल घर वापस आ रही थीं। उनका घर हादसे वाली जगह से महज 100 मीटर की दूरी पर था। जब वह सुद्दीपुर में सड़क पार कर रही थीं, तभी जौनपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर लगते ही आकांक्षा सड़क पर गिर गईं और बस का पहिया उनके सिर के ऊपर से निकल गया, जिसके कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों की शादी करीब 10 साल पहले प्रेम विवाह के रूप में हुई थी।
स्थानीय लोगों ने ड्राइवर को दबोचा, बैंक कर्मियों में शोक
दुर्घटना के बाद बस चालक ने वाहन समेत मौके से भागने का प्रयास किया। हालांकि, वहां मौजूद स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा करके बस को रुकवा लिया और ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सूचना मिलते ही शिवपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही यूनियन बैंक के अंचल प्रमुख कामेश्वर राय और क्षेत्र प्रमुख शैलेंद्र कुमार समेत कई आला अधिकारी और कर्मचारी शोक संवेदना व्यक्त करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
वाराणसी:वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर फिल्मों की तर्ज पर यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर प्रेमी-प्रेमिका को जीआरपी (GRP) और सीआईबी (CIB) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया …
वाराणसी: वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर फिल्मों की तर्ज पर यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर प्रेमी-प्रेमिका को जीआरपी (GRP) और सीआईबी (CIB) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। यह जोड़ा अकेले सफर कर रहे यात्रियों से दोस्ती बढ़ाता था और फिर उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनका कीमती सामान लेकर रफूचक्कर हो जाता था। पुलिस की गिरफ्त में आए इस जोड़े की करतूतें जानकर खुद जांच अधिकारी भी दंग रह गए।
नशीला खाना खिलाकर लूट की शिकायत से खुला राज
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब 13 जून को कैंट स्टेशन पर एक महिला यात्री ने जीआरपी से शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप था कि सफर के दौरान कुछ सह-यात्रियों ने उन्हें खाने में कोई नशीली चीज मिला कर दे दी, जिसके बाद वे बेहोश हो गईं और उनका सारा सामान लूट लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी और रेलवे सीआईबी की टीम सक्रिय हुई और जहरखुरानी गिरोह की तलाश में जुट गई।
सीसीटीवी और पीड़िता की सूझबूझ से पकड़े गए आरोपी
जांच टीम ने कैंट स्टेशन और उसके आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक युवक और एक युवती संदिग्ध हालत में नजर आए। जब पुलिस ने इन संदिग्धों की तस्वीरें पीड़ित महिला यात्री को दिखाईं, तो उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि ये दोनों वही लोग थे जिन्होंने सफर के दौरान उनसे नजदीकियां बढ़ाई थीं।
कैसे पकड़े गए आरोपी? सीसीटीवी फुटेज के सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस टीम स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों तक पहुंची। आखिरकार, सटीक लोकेशन ट्रेस करके टीम ने दोनों को धर दबोचा।
लिव-इन रिलेशन में रहकर रचते थे साजिश
पूछताछ के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पकड़े गए आरोपी आपस में प्रेमी-प्रेमिका हैं, जो शहर में एक किराए का कमरा लेकर पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।
काम करने का तरीका (Modus Operandi): ये दोनों ट्रेनों और स्टेशनों पर अकेले यात्रा कर रहे सीधे-साधे यात्रियों को निशाना बनाते थे।
भरोसा जीतना: पहले दोनों पति-पत्नी का नाटक कर यात्रियों से घुलते-मिलते थे ताकि किसी को शक न हो।
वारदात को अंजाम देना: मौका मिलते ही ये यात्रियों के खाने-पीने के सामान में नशीली दवा मिला देते थे। जैसे ही पीड़ित बेहोश होता, ये उनका मोबाइल, नकदी और गहने समेटकर फरार हो जाते थे। जीआरपी ने इस ‘बंटी और बबली’ गिरोह के पास से लूटा गया सामान बरामद कर लिया है और दोनों को सुसंगत धाराओं के तहत जेल भेज दिया है। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति की दी हुई खाने-पीने की चीज का सेवन बिल्कुल न करें।
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र में एक विदेशी मूल की युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उससे दुष्कर्म करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद …
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र में एक विदेशी मूल की युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उससे दुष्कर्म करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी अविनाश सेठ फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अब 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मूल रूप से नेपाल की रहने वाली पीड़ित युवती वाराणसी के कैंटोनमेंट इलाके में अपने पिता के साथ रहती है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, साल 2022 में उसकी मुलाकात तेलियाबाग के रहने वाले अविनाश सेठ से हुई थी। अविनाश ने खुद को कुंवारा बताते हुए युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा और एक रस्म के तौर पर उसकी मांग में सिंदूर भी भर दिया। इसके बाद शादी का झांसा देकर वह पिछले करीब चार साल तक युवती का यौन उत्पीड़न करता रहा।
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब 28 मई को पीड़िता अचानक पहाड़िया स्थित अपने फ्लैट पर पहुंची। वहां उसने अविनाश को शालिनी गुप्ता नाम की एक अन्य युवती के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। जब पीड़िता ने इस संबंध में सवाल किया, तो अविनाश और शालिनी भड़क गए। दोनों ने मिलकर पीड़िता को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, लोहे की रॉड से उस पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की और उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया।
पीड़िता का आरोप है कि अविनाश एक शातिर किस्म का व्यक्ति है जो कई अन्य लड़कियों को भी अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका शोषण कर चुका है। इस धोखे और प्रताड़ना से आहत होकर पीड़िता ने आत्मघाती कदम उठाने का भी प्रयास किया, लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे बचा लिया। इसके बाद पीड़िता ने सारनाथ थाने में अविनाश सेठ और शालिनी गुप्ता के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस का वक्तव्य:
“आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। फरार अविनाश सेठ की गिरफ्तारी के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं। वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार द्वारा आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।”
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक पूर्व महिला खिलाड़ी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, मारपीट और कपड़े बदलते समय वीडियो बनाने के गंभीर आरोपों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम कोर्ट) …
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक पूर्व महिला खिलाड़ी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, मारपीट और कपड़े बदलते समय वीडियो बनाने के गंभीर आरोपों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम कोर्ट) ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने विश्वविद्यालय के एक सुरक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की है। इस शिकायत में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के एक सुरक्षा अधिकारी और 4 महिला सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है।
पूर्व खिलाड़ी के अनुसार, यह पूरा विवाद साल 2023 से शुरू हुआ था जब वह विश्वविद्यालय में खेलती थीं। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 13 जून 2023 को उन्हें करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया था और दो महिलाओं ने उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें धमकी दी थी। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान कपड़े बदलते समय उनका एक वीडियो भी गुपचुप तरीके से बनाया गया और उनका यौन उत्पीड़न किया गया।
पीड़िता ने अपनी याचिका में यह भी बताया कि उनके साथ प्रताड़ना का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 9 सितंबर 2025 को जब वह प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कार्यालय गई थीं, तब वहां मौजूद आरोपियों ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। इस दौरान वर्दी पहने एक आरोपी ने उन्हें जबरन पकड़ने (शाारीरिक शोषण) की कोशिश की और विरोध करने पर उनका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर फेंक कर तोड़ दिया, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें।
स्थानीय पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से कोई मदद न मिलने के बाद पीड़िता को अदालत की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सबसे पहले लंका थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 24 जून 2026 को पुलिस आयुक्त को भी रजिस्टर्ड डाक के जरिए न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र भेजा, पर वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। इस पूरे मामले पर बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर संदीप पोखरिया ने बयान दिया है कि मामला अब उनके संज्ञान में है और विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।
वाराणसी: जिले के सिंधौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मझवां गांव से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां गुरुवार रात करीब 9 बजे जमीन पर कब्जे के पुश्तैनी विवाद ने हिंसक रूप …
वाराणसी: जिले के सिंधौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मझवां गांव से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां गुरुवार रात करीब 9 बजे जमीन पर कब्जे के पुश्तैनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ झगड़ा इस कदर बढ़ा कि एक चचेरे भाई ने दूसरे की जान ले ली। हमलावर भाई घर से पिस्टल लेकर आया और अपने ही चचेरे भाई की कनपटी पर सटाकर गोली दाग दी। पड़ोस में रहने वाले चचेरे भाई बबलू सिंह और 20 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी (पुत्र लालू सिंह) के बीच मकान और जमीन के टुकड़े को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इससे पहले भी दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी, लेकिन गुरुवार की रात यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
बीच-बचाव भी रहा नाकाम, मौके पर ही थमी सांसें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों को लड़ता देख आसपास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने की पुरजोर कोशिश की। मगर हमलावर बबलू सिंह पर खून सवार था। उसने आव देखा न ताव, सीधे सौरभ के सिर को निशाना बनाकर गोली मार दी। गोली लगते ही सौरभ खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
बाइक से फरार हुए हमलावर
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी बबलू सिंह अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर भागने लगा। ग्रामीणों ने हौसला दिखाते हुए कुछ दूर तक उनका पीछा भी किया, लेकिन आरोपी चकमा देकर फूलपुर की तरफ रफूचक्कर होने में कामयाब रहे।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट चुकी थी सांसों की डोर
घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन और ग्रामीण लहूलुहान सौरभ को लेकर पास के डॉक्टर के पास भागे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में शव को शहर के दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत ही बताया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छावनी में तब्दील हुआ गांव, धरपकड़ के लिए टीमें गठित
वारदात की गंभीरता को देखते हुए सिंधौरा थाना प्रभारी ने तुरंत उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। घटना के बाद गांव में पनपे तनाव को देखते हुए एडीसीपी गोमती जोन, एसीपी पिंडरा और एसओजी (SOG) समेत कई थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।