वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में गुरुवार को ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मकान संख्या सीके 43/141, जो कि पांच मंजिला इमारत है, को गिराने की कार्रवाई चल रही …
वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में गुरुवार को ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मकान संख्या सीके 43/141, जो कि पांच मंजिला इमारत है, को गिराने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, तभी ऊपर से गिरी ईंट उसके सिर पर आ गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल युवक की पहचान बाराबंकी जिले के देवा शरीफ निवासी सौरभ कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा।
स्थानीय समाजसेवी मोहम्मद आदिल ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को गोद में उठाया और चौक की ओर लेकर दौड़े। बाद में रिक्शे से उसे मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
पड़ोसी मकान से गिरा मलबा
मोहम्मद आदिल ने बताया कि उनके मकान के बगल स्थित सीके 43/141 पर ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा था। रोजाना की तरह वहां मीडिया कर्मी और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर कवरेज करने पहुंच रहे थे। उसी दौरान कैमरा चला रहे युवक के ऊपर अचानक ईंट गिर गई।
पुलिस को दी गई सूचना
आदिल ने बताया कि घटना की जानकारी चौक थाने की चौकी इंचार्ज को दी गई, जिसके बाद घायल को कबीरचौरा अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने सिर में टांके लगाए हैं और युवक को भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। मौके पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह भी पहुंचे और घायल का हालचाल जाना।
तीन टांके, सीटी स्कैन कराया जा रहा
कबीरचौरा अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमजद खान के अनुसार, युवक के सिर में चोट आई है, हालांकि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। अत्यधिक रक्तस्राव नहीं हुआ है। सिर में तीन टांके लगाए गए हैं और एहतियातन सीटी स्कैन कराया जा रहा है। युवक को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
वाराणसी। संत रविदास जयंती के अवसर पर 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए विस्तृत …
वाराणसी। संत रविदास जयंती के अवसर पर 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान कई मार्गों पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
यातायात पुलिस के अनुसार 30 जनवरी सुबह 8 बजे से 1 फरवरी रात 12 बजे तक निम्नलिखित रूट पर डायवर्जन लागू रहेगा—
🚫 संत रविदास मंदिर क्षेत्र में रोक / डायवर्जन
भगवानपुर मोड़ → संत रविदास मंदिर की ओर वाहन प्रतिबंधित, वाहन नगवा / मालवीय गेट की ओर डायवर्ट।
रमना चौकी तिराहा → संत रविदास मंदिर तिराहा की ओर वाहन प्रतिबंधित, वाहन डाफी की ओर डायवर्ट।
संत रविदास मंदिर तिराहा → मंदिर की ओर कोई वाहन नहीं, वाहन रमना चौकी तिराहा व भगवानपुर की ओर डायवर्ट।
मारुति नगर तिराहा → भगवानपुर (संत सरवनदास यात्री निवास) की ओर वाहन प्रतिबंधित।
लोटूबीर अंडरपास चौराहा → कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य वाहन रविदास मंदिर की ओर नहीं जाएंगे, वाहन नुवाव चौराहा की ओर डायवर्ट।
🚌 शहर के भीतर बसों व अन्य वाहनों के लिए डायवर्जन
रामनगर चौराहा से वाराणसी आने वाले वाहन → सामनेघाट पुल की ओर नहीं, टेंगरा मोड़ होते हुए NH-19 से गंतव्य।
सामनेघाट पुल पश्चिमी से वाहन → नगवा चौकी की ओर नहीं, हरसेवानंद कॉलेज की ओर डायवर्ट।
रविदास गेट से वाहन → थाना लंका व नगवा चौकी की ओर नहीं, मालवीय गेट की ओर डायवर्ट।
अमेठी कोठी तिराहा से वाहन → रविदास घाट की ओर नहीं, रविदास गेट / नगवा चौकी की ओर डायवर्ट।
नगवा चौकी से वाहन → भगवानपुर मोड़ की ओर नहीं, सामनेघाट की ओर डायवर्ट।
नरिया तिराहा से वाहन → बीएचयू चौराहा की ओर नहीं, करौंदी की ओर डायवर्ट (नुवाव अंडरपास / भिखारीपुर तिराहा होकर)।
NH-19 के पास पुराने रमना पुलिस चौकी डायवर्जन स्थल से → कार्यक्रम से संबंधित बसों को छोड़कर सभी बसें अमरा अखरी / टेंगरा मोड़ की ओर डायवर्ट।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और यातायात पुलिस का सहयोग करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में दो छात्रावासों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। रुइया छात्रावास और बिरला छात्रावास के छात्रों के …
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में दो छात्रावासों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। रुइया छात्रावास और बिरला छात्रावास के छात्रों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले गया, जिसमें पीयूष तिवारी नामक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब रुइया छात्रावास का एक छात्र बाइक से अपने हॉस्टल लौट रहा था। इसी दौरान उसकी बिरला छात्रावास के तीन छात्रों से बहस हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस दौरान पीयूष तिवारी घायल हो गया। घटना से आक्रोशित रुइया छात्रावास के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और मुंह ढंककर एकत्र हो गए।
स्थिति को काबू में करने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य गेट पर मौजूद थे और करीब 50 से 60 छात्रों से बातचीत कर रहे थे। तभी बिरला छात्रावास के लगभग 30 से 40 छात्र मुंह पर कपड़ा बांधकर, लाठी-डंडे और पत्थर लेकर रुइया छात्रावास की ओर बढ़े और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
चीफ प्रॉक्टर मौके पर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन 5-6 सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए हमलावर छात्रों को खदेड़ दिया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। तीन थानों की फोर्स, पीएसी की एक टुकड़ी, करीब 200 सुरक्षाकर्मी और लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। डीसीपी काशी गौरव और एडीसीपी भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे कैंपस पर नजर रखी जा रही है।
डीसीपी गौरव ने बताया कि दो छात्रावासों के छात्रों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉस्टल में मौजूद किसी भी बाहरी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और छात्रावास स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी है।
फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन परिसर में एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस प्रशासन मिलकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के …
वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के पास से गुजर रहे विसर्जन जुलूस पर अचानक अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंक दिए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में चार लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कैंट नितिन तनेजा भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इलाके में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पथराव करने वाले दो व्यक्तियों की पहचान कर ली है। दोनों युवक सोनकर समाज से बताए जा रहे हैं और नशे की हालत में थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से आपसी विवाद था और इसी के चलते एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए।
एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि मामला पूरी तरह नियंत्रण में है और इसमें किसी प्रकार का सांप्रदायिक पहलू नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह है कि मूर्ति विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
वहीं वाराणसी पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि परमानंद सोनकर और अमन सोनकर के बीच पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई थी, जिसमें एक छोटे बच्चे को भी चोट आई है। परमानंद सोनकर की तहरीर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर एकत्र भीड़ को समझाकर विसर्जन जुलूस को आगे बढ़ाया गया। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रतिदिन होने वाली विश्वविख्यात गंगा आरती इस बार राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आई। असि घाट पर मां गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित …
वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रतिदिन होने वाली विश्वविख्यात गंगा आरती इस बार राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आई। असि घाट पर मां गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित संध्या आरती में भक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना के साथ राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था और सम्मान प्रकट किया।
गंगा आरती स्थल को तिरंगे के रंगों में भव्य रूप से सजाया गया था। केसरिया, श्वेत और हरे रंग की रोशनी, पुष्प-सज्जा और आकर्षक सजावट से पूरा घाट देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया। आरती शुरू होते ही ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर सात अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के बीच मां गंगा की विधिवत आरती की। अर्चकों ने मां गंगा से देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और राष्ट्र की अखंडता के लिए प्रार्थना की। दीपों की जगमगाहट और धूप की सुगंध से घाट का वातावरण दिव्य और मनोहारी हो गया।
कार्यक्रम के दौरान वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। घाट पर बनाई गई सुंदर रंगोली के बीच दीप जलाकर शहीदों के बलिदान को नमन किया गया। कुछ क्षणों का मौन रखकर उपस्थित लोगों ने देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को याद किया।
आरती के दौरान समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गान किया। भक्ति और राष्ट्रभक्ति का यह संगम सभी के हृदय को छू गया। देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा असि घाट गूंजता रहा।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने इस विशेष गंगा आरती की सराहना करते हुए इसे काशी की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। गंगा आरती के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि काशी की परंपरा में भक्ति के साथ देशप्रेम को भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।
वाराणसी। स्वर्णकार समाज की एकजुटता और सामाजिक सरोकार को मजबूती देते हुए ‘स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान’ द्वारा रविवार को एक गरिमामय सामूहिक सगाई (छेका) समारोह का आयोजन किया गया। सिगरा के …
वाराणसी। स्वर्णकार समाज की एकजुटता और सामाजिक सरोकार को मजबूती देते हुए ‘स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान’ द्वारा रविवार को एक गरिमामय सामूहिक सगाई (छेका) समारोह का आयोजन किया गया। सिगरा के चंद्रिका नगर स्थित मंजुला भवन लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजीकृत 5 जोड़ों में से 3 जोड़ों की सगाई की रस्म पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई।
मांगलिक अनुष्ठान और उपहार वितरण
सगाई की यह धार्मिक प्रक्रिया कर्मकांडी विद्वान भूदेव आदित्य पांडेय के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। संस्थान की ओर से परंपराओं का निर्वहन करते हुए:
कन्या पक्ष को: बनारसी साड़ी, श्रृंगार सामग्री से सुसज्जित पेटिका और मिठाई का शगुन भेंट किया गया।
वर पक्ष को: सूट का कपड़ा और दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
ये जोड़े हुए परिणय सूत्र के प्रथम सोपान में आबद्ध
मंशा देवी (पुत्री स्व. राजेश वर्मा, हुकुलगंज) संग रामलखन (पुत्र स्व. हरि प्रसाद)।
आकाश वर्मा (पुत्र महेंद्र सेठ, पड़ाव) का छेका जालंधर की कन्या के साथ संपन्न हुआ।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के दिग्गजों ने शिरकत कर जोड़ों को आशीर्वाद दिया। मुख्य रूप से राष्ट्रीय संस्थापक इंजीनियर योगेंद्र कुमार और राष्ट्रीय संयोजक रवि सर्राफ मौजूद रहे। इनके साथ ही अनिल चंचल, ज्योति सोनी, सरिता सर्राफ, ईश्वर दयाल सिंह सेठ और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।
व्यवस्था एवं आभार
समारोह के स्वागताध्यक्ष दयाशंकर सेठ रहे, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने की। मंच का कुशल संचालन कमल कुमार सिंह द्वारा किया गया। अंत में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत संस्थान द्वारा सुरुचि भोज का भी आयोजन किया गया।
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये …
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई शहर के आठ अलग-अलग इलाकों में एक साथ की गई, जिससे तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया।
आठ स्थानों पर एक साथ दबिश, तस्करों की कमर तोड़ी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 343/25 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/25/29 में की गई है। सोनभद्र पुलिस की पिछली कार्रवाई से मिले अहम सुरागों के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर सीधा वार किया है। इसमें शुभम जायसवाल के परिजन ही नहीं, बल्कि उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियां भी शामिल हैं।
करोड़ों की संपत्तियां पुलिस के शिकंजे में
पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में स्थित कई कीमती संपत्तियों को जब्त किया है—
जगदीशपुर में तीन संपत्तियां – कीमत लगभग 1.21 करोड़ रुपये
चेतगंज, लल्लापुरा में मकान – करीब 1.05 करोड़ रुपये
शिवपुर, भरलाई में संपत्ति – लगभग 71 लाख रुपये
मड़ौली में संपत्ति – करीब 1.15 करोड़ रुपये
भेलूपुर, तुलसीपुर (गोपाल विहार कॉलोनी) – सबसे बड़ी जब्ती, लगभग 23 करोड़ रुपये
जगतगंज, रामकटोरा में संपत्ति – करीब 1.98 करोड़ रुपये
सोनभद्र के बाद वाराणसी पुलिस की निर्णायक पहल
अधिकारियों के अनुसार, यह तस्करी नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अवैध कमाई को रियल एस्टेट समेत विभिन्न संपत्तियों में लगाया गया था। सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई के बाद मिले इनपुट के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
अवैध कमाई पर सख्त प्रहार, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति किसी भी सूरत में नहीं छोड़ी जाएगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और लोगों व संपत्तियों पर भी कार्रवाई संभव है। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
वाराणसी। गणतंत्र दिवस के मौके पर काशी महिला सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक तस्वीर पेश करने जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहली बार ऑल वुमेन पुलिस परेड का आयोजन …
वाराणसी। गणतंत्र दिवस के मौके पर काशी महिला सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक तस्वीर पेश करने जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहली बार ऑल वुमेन पुलिस परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें परेड की कमान से लेकर हर दस्ता पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों के नियंत्रण में होगा।
एडीसीपी नीतू कादयान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष परेड में कुल 400 महिला पुलिसकर्मी भाग लेंगी।
परेड की खासियत यह होगी कि घुड़सवार दस्ता, स्कूटी दस्ता, डायल 112 सेवा, कमांडो यूनिट और फायर डिस्ट्रीब्यूशन
टीम सहित सभी टुकड़ियां पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक परेड का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी मानसी सिंह करेंगी।
परेड में रिक्रूट कांस्टेबल, विभिन्न थानों में तैनात महिला उपनिरीक्षक, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और
विशेष महिला कमांडो दस्ता शामिल होगा, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।
एडीसीपी नीतू कादयान ने कहा कि अब तक गणतंत्र दिवस पर केवल एक महिला टुकड़ी परेड में शामिल होती थी,
लेकिन काशी में पहली बार संपूर्ण परेड महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की जाएगी।
इस परेड में शामिल सभी महिलाएं या तो वाराणसी में तैनात हैं या यहीं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और समाज में यह संदेश देना है कि महिलाएं
सिर्फ सुरक्षा की मोहताज नहीं, बल्कि समाज और देश की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
यह पहल महिलाओं के प्रति बनी पारंपरिक सोच को बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
एडीसीपी ने कहा कि यह आयोजन पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, ताकि सामाजिक स्तर पर सोच,
व्यवहार और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
उन्होंने कहा,
इस परेड के माध्यम से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि महिलाएं सिर्फ संरक्षित होने वाली नहीं,
बल्कि देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सक्षम प्रहरी हैं।
काशी में पहली बार होने जा रही ऑल वुमेन पुलिस परेड महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की अविनाशी नगरी काशी में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर सदियों पुरानी लोकपरंपरा के अनुरूप बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। टेढ़ीनीम …
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की अविनाशी नगरी काशी में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर सदियों पुरानी लोकपरंपरा के अनुरूप बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का विधिविधान से तिलक किया गया। यह आयोजन काशीवासियों द्वारा लोकाचार के रूप में किया जाता है, जिसमें संपूर्ण काशी बाबा के सगुन में सहभागी बनती है।
बसंत पंचमी से विवाहोत्सव की परंपराओं का शुभारंभ
काशी की परंपरा में बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ के विवाह से जुड़े मांगलिक अनुष्ठानों की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। महंत आवास पर होने वाला तिलकोत्सव काशी की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, जहां देवता और भक्त के बीच पारिवारिक भाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
पहली बार शीतलाधाम महंत परिवार ने चढ़ाया तिलक
इस वर्ष दशाश्वमेध स्थित सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के श्रीमहंत शिवप्रसाद पाण्डेय ‘लिंगिया महाराज’ ने पहली बार काशीपुराधीश्वर बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव चढ़ाया। शीतलाधाम महंत परिवार की ओर से यह पहला लोकाचार रहा, जिसे काशी की धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व के रूप में देखा गया।
भव्य तिलक यात्रा में गूंजा हर-हर महादेव
बांसफाटक स्थित श्री यंत्र पीठ से श्रीमहंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में भव्य तिलक यात्रा निकाली गई। 21 वैदिक बटुकों के मंत्रोच्चार, शहनाई की मधुर धुन, डमरुओं के नाद और शंखध्वनि के बीच 51 थालों में सजे तिलक और 56 भोग की थालियां लेकर तिलकहरुओं ने ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ महंत आवास तक यात्रा पूरी की।
टेढ़ीनीम क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर
डमरुओं की गूंज और जयघोष से पूरा टेढ़ीनीम क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। गलियों से गुजरती तिलक यात्रा को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह दृश्य काशीवासियों के लिए आस्था के साथ-साथ पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपरा का जीवंत दर्शन था।
चार वेदों के विद्वानों द्वारा विशेष वैदिक पूजन
तिलकोत्सव से पूर्व महंत आवास पर परिवार की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती मोहिनी देवी के सानिध्य में अंकशास्त्री महंत वाचस्पति तिवारी द्वारा विशेष वैदिक पूजन कराया गया। आचार्य सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में चारों वेदों के विद्वानों ने पंचबदन प्रतिमा का मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया।
भोग आरती के बाद राजसी श्रृंगार
दोपहर भोग आरती के उपरांत संजीव रत्न मिश्र (भानू मिश्र) द्वारा बाबा विश्वनाथ का भव्य राजसी श्रृंगार किया गया। विशेष वस्त्रों, आभूषणों और पुष्पों से सुसज्जित पंचबदन प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
लोकाचार में सहभागी बना पूरा काशी समाज
महंत आवास पर काशीवासियों का स्वागत किया गया और महंत वाचस्पति तिवारी तथा श्रीमहंत लिंगिया महाराज के बीच विधिवत लोकाचार संपन्न हुआ। 56 भोग अर्पित कर वैदिक मंत्रों के बीच आरती की गई।
काशी की आत्मा है यह परंपरा : लिंगिया महाराज
श्रीमहंत लिंगिया महाराज ने कहा कि बसंत पंचमी बाबा विश्वनाथ के सगुन और मांगलिक अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक है। टेढ़ीनीम महंत आवास पर होने वाला तिलकोत्सव काशी की विशिष्ट लोकपरंपरा है, जो सनातन आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखती है।
रंगभरी एकादशी तक जारी रहेंगे अनुष्ठान
बसंत पंचमी से आरंभ हुए यह मांगलिक अनुष्ठान रंगभरी एकादशी तक निरंतर चलते रहेंगे। इस अवधि में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा से जुड़ी लोकपरंपराएं निभाई जाएंगी, जो काशी की सांस्कृतिक पहचान और लोकआस्था को सशक्त करती हैं।
काशी के प्रसिद्ध महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की पहचान अब केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहेगी। सदियों पुराने इस घाट का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। तेजी से चल …
काशी के प्रसिद्ध महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की पहचान अब केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहेगी। सदियों पुराने इस घाट का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। तेजी से चल रहे पुनर्निर्माण कार्य के बीच नए मणिकर्णिका घाट का मॉडल सामने आ चुका है, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
करीब 17.56 करोड़ रुपये की लागत से मणिकर्णिका घाट का कायाकल्प किया जा रहा है। फिलहाल पुरानी सीढ़ियों को समतल करने और स्ट्रेचर के लिए सुगम रास्ता बनाने का कार्य जारी है। नए घाट पर व्यूइंग गैलरी, रैंप, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी, जिससे शवयात्रियों और परिजनों को सुविधा मिल सके।
परियोजना के तहत वेटिंग रूम, शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, वेडिंग ज़ोन और लकड़ी के भंडारण के लिए विशेष स्थान बनाए जाएंगे। घाट के आसपास गंदगी और सीवेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को भी आधुनिक रूप दिया जाएगा, ताकि गंदा पानी गलियों में न फैले।
पुनर्निर्माण योजना के अंतर्गत कुल 18 शवदाह संरचनाएं तैयार की जाएंगी। इनमें से 10 पुरानी संरचनाओं की मरम्मत की जाएगी, जबकि 8 नई शवदाह संरचनाओं का निर्माण होगा। सभी दाह स्थल एलिवेटेड होंगे और यहां कम लकड़ी के उपयोग से शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इससे प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इस परियोजना में घाट पर स्थित प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का भी संरक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार के अनुसार, विष्णुपादुका, दत्तात्रेय पादुका, मणिकर्णिका कुंड समेत अन्य मंदिरों की मरम्मत और संरक्षण किया जाएगा, ताकि काशी के सनातन स्वरूप की गरिमा बनी रहे।
गौरतलब है कि मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण का कार्य रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से किया जा रहा है। इस परियोजना की आधारशिला स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। कार्य पूरा होने के बाद यहां प्रतिदिन 100 से 150 शवों का अंतिम संस्कार सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
इसके साथ ही महाश्मशान से जुड़े डोमराजा परिवार के लोगों के लिए भी बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सदियों से यही परिवार यहां मुखाग्नि देने की परंपरा निभाता आ रहा है।
हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर हाल के दिनों में विवाद भी हुआ था, लेकिन योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्य के दौरान किसी भी धार्मिक स्थल या ऐतिहासिक धरोहर को नहीं हटाया जाएगा, बल्कि सभी का संरक्षण किया जाएगा।