मिर्जापुर/वाराणसी: मिर्जापुर स्थित विंध्याचल माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं के लिए मां विंध्यवासिनी का चरण स्पर्श पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर में श्रद्धालु लगभग 20 घंटे दर्शन-पूजन कर सकेंगे, जबकि चार पहर की आरती के दौरान प्रत्येक घंटे मंदिर के कपाट थोड़े समय के लिए बंद रहेंगे।
मेला समिति के अनुसार, मंगला आरती सुबह 3:00 से 4:00 बजे, दोपहर की राजश्री आरती 12:00 से 1:00 बजे, संध्या आरती शाम 7:00 से 8:00 बजे और बड़ी आरती रात 9:30 से 10:30 बजे होगी।
नवरात्रि के दौरान मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही हैं। विंध्याचल मंदिर तक जाने वाले मार्गों की मरम्मत और सफाई अभी चल रही है। नगर पालिका ने मंदिर क्षेत्र में 34 लाख रुपये के विकास कार्य कराए हैं, जिनमें अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और पानी की टंकियों की सफाई शामिल है।
गंगा घाटों पर इस बार केवल तीन घाटों – दिवान घाट, पक्का घाट और अखाड़ा घाट – पर श्रद्धालुओं को स्नान की अनुमति होगी। अन्य छह घाटों पर निर्माण कार्य और सुरक्षा कारणों से गंगा स्नान प्रतिबंधित रहेगा।
नवरात्रि मेले के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए विभिन्न फीडर और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। पानी की सुविधा के लिए 22 टैंकर मरम्मत योग्य बनाए गए हैं और उनके लिए अलग से बजट रखा गया है।
हालांकि मेले की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन शहर की कुछ मुख्य गलियों में मलबा और कूड़ा जमा है, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में कठिनाई हो सकती है। नगर पालिका का दावा है कि नवरात्रि से पहले सभी तैयारियां पूरी कर दी जाएंगी।
