वाराणसी। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के दालमंडी दौरे को लेकर प्रशासन लखनऊ से वाराणसी तक सतर्क रहा। देर रात से ही कई सपा पदाधिकारियों को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया।
भोजूबीर स्थित सपा के जिला कार्यालय और दालमंडी जाने वाले प्रमुख मार्ग लहुराबीर चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके बावजूद सपा के पूर्व प्रदेश महासचिव लालू यादव और शहर दक्षिणी के पूर्व प्रत्याशी किशन दीक्षित सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए दालमंडी पहुंच गए।
व्यापारियों का जाना हाल, नेताओं ने दिया भरोसा
दालमंडी पहुंचकर दोनों नेताओं ने दुकानदारों और स्थानीय निवासियों से बातचीत की। इस दौरान कुछ व्यापारी भावुक हो उठे और अपनी समस्याएं साझा कीं। नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है और कथित अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सपा नेता प्रतिपक्ष एमएलसी लाल बिहारी यादव द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी क्षेत्र का दौरा कर लोगों से संवाद किया। नेताओं ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
आंदोलन की चेतावनी
लालू यादव ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो सपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव को वाराणसी आना था, लेकिन उन्हें लखनऊ में ही रोक लिया गया।
किशन दीक्षित ने भी व्यापारियों और मकान मालिकों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनकी आवाज मजबूती से उठाएगी और जरूरत पड़ी तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इसी दौरान मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं के साथ अन्य सपा नेता भी दालमंडी पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर समर्थन जताया। नेताओं ने दोहराया कि पार्टी हर स्तर पर दालमंडी के लोगों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
