वाराणसी : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिगों से कथित यौन शोषण के आरोप में शनिवार देर रात मुकदमा दर्ज किया गया। यह आदेश प्रयागराज की पॉक्सो अदालत की ओर से जारी हुआ था। 13 फरवरी को इस मामले में संबंधित बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे। शिकायत में आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला दर्ज होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के नेता उनसे मिलने पहुंचे।
अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे सपा पदाधिकारी
शंकराचार्य से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुजीत यादव ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वह समर्थन जताने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनका शंकराचार्य से पुराना जुड़ाव रहा है और पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और समाज में वैमनस्य का माहौल बनाया जा रहा है।
वहीं, युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा ने कहा कि उन्होंने शंकराचार्य को समर्थन पत्र सौंपा है। उनके अनुसार पूरी कांग्रेस पार्टी इस मामले में उनके साथ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी की कार्रवाई होती है तो कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी चलाया जाएगा।
FIR के बाद बयानबाजी तेज
इस प्रकरण को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति एक अलग स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने पूर्व में लिए गए कुछ फैसलों का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि इस तरह के मामलों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
