लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के पहले दिन पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्न के उत्तर विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कई लोगों ने इसे एक जाति से जोड़कर आपत्ति जताई है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
दरअसल, सामान्य हिंदी खंड में एक प्रश्न पूछा गया था— “अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।” इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे: सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। इनमें ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई जा रही है। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

पहले दिन 5.31 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत आयोजित परीक्षा में पहले दिन 5,31,765 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई।

पेपर लीक की अफवाह फैलाने पर कार्रवाई
भर्ती परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एसटीएफ और अन्य एजेंसियां सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही हैं। इसी दौरान टेलीग्राम पर फर्जी प्रश्नपत्र भेजकर अभ्यर्थियों से ठगी करने के आरोप में लखनऊ में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ ने इस मामले में आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी से आयुष बघेल नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह परीक्षा का पेपर लीक होने की अफवाह फैलाकर टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से फर्जी प्रश्नपत्र भेजता था और अभ्यर्थियों से पैसे वसूल रहा था। मामले में जांच जारी है।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने जताई आपत्ति
इस पूरे मामले पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रश्न या विकल्प से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है, तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों या संदर्भों को किसी भी परीक्षा में स्थान नहीं मिलना चाहिए। डिप्टी सीएम ने मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है और प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता अभिजात मिश्रा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह का प्रश्न अत्यंत संवेदनशील है और इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल विवादित प्रश्न को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है और प्रशासन द्वारा पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
