• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राशन की दुकानों के साथ-साथ चयनित पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए अस्थायी छूट दी गई है।

सरकारी निर्देश के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस सुविधा के लिए नामित किया जाएगा। इन पंपों पर तेल कंपनियां 5,000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण कर सकेंगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को इसकी आपूर्ति की जाएगी।

क्या हैं नए प्रावधान

  • केरोसिन वितरण से जुड़े एजेंटों और डीलरों को लाइसेंस से अस्थायी छूट
  • सप्लाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया
  • पेट्रोल पंपों पर केरोसिन के भंडारण और बिक्री की अनुमति

क्यों लिया गया फैसला

मध्य-पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे भारत में ईंधन की मांग और आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों तक समय पर ईंधन पहुंचाया जा सके।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य है, जबकि एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।

कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

LPG और गैस सप्लाई की स्थिति

  • घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य
  • प्रतिदिन 55 लाख से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी
  • ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंची
  • CNG और PNG उपभोक्ताओं को पूर्ण आपूर्ति

वैकल्पिक ईंधन पर जोर

सरकार ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। एलपीजी की मांग को कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले भी उठाए गए कदम

हाल ही में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती की थी, जिससे कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद यह कदम आम लोगों को राहत देने के लिए उठाया गया।

प्रधानमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा था कि वैश्विक संघर्ष के चलते ईंधन संकट की स्थिति बनी है, लेकिन भारत इस चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें।

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