7 बाइबिल, 50 ईसाई किताबें और 200 प्रचार पंपलेट… प्रार्थना सभा के नाम पर जुटे थे 50 लोग, चोरी छिपे कराया जा रहा था धर्म परिवर्तन, चंदौली में 6 गिरफ्तार
चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने अवैध रूप से कराए जा रहे धर्म परिवर्तन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की …
चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने अवैध रूप से कराए जा रहे धर्म परिवर्तन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। मामला सकलडीहा कोतवाली इलाके के इटवा गांव का है, जहाँ गुरुवार को एक घर में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान पुलिस ने छापेमारी की और छह लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक मकान में प्रार्थना सभा के बहाने लोगों को इकट्ठा किया गया है। आरोप है कि वहाँ मौजूद लोगों को अलग-अलग तरह के प्रलोभन और धार्मिक भ्रांतियों का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था।
क्षेत्राधिकारी (CO) कृष्णमुरारी शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर सकलडीहा थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने पुलिस बल के साथ मौके पर दबिश दी। जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहाँ करीब 50 से ज्यादा महिला और पुरुष मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि उस वक्त माइक के जरिए ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था और लोगों के बीच धार्मिक साहित्य बांटा जा रहा था। पुलिस की अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी करके छह मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
बरामद की गई सामग्री
पुलिस ने मौके से धर्म प्रचार और सभा में इस्तेमाल होने वाला निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- धार्मिक साहित्य: 07 बाइबिल, 50 धार्मिक पुस्तकें और 200 प्रचार पंपलेट।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 01 होम थिएटर और 02 माइक।
- वाहन: 01 मारुति सुजुकी जेन कार और 02 मोटरसाइकिलें।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए लोग चंदौली और उसके आसपास के जिलों के रहने वाले हैं:
- राजेश मौर्य (निवासी: इटवा, चंदौली)
- कमलेश कुमार (निवासी: इटवा, चंदौली)
- अजीत कुमार (निवासी: धानापुर, चंदौली)
- धीरज सिंह (निवासी: गाजीपुर)
- गुड्डू (निवासी: चितईपुर, वाराणसी)
- दिनेश कुमार पटेल (निवासी: सारनाथ, वाराणसी)
स्थानीय नेता के भाई का मकान, जांच जारी
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिस घर के भीतर यह पूरी गतिविधि चल रही थी, वह जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश राम के भाई का है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस पूरे मामले में मकान मालिक या स्थानीय प्रतिनिधि की संलिप्तता को लेकर अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इस एंगल से भी मामले की पड़ताल की जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (अवैध धर्मांतरण विरोधी कानून) के तहत केस दर्ज कर लिया है। सीओ कृष्णमुरारी शर्मा के मुताबिक, पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की फंडिंग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















