वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath शुक्रवार को दो दिवसीय काशी दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान एक ओर जहां वे धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन करेंगे, वहीं दूसरी ओर विक्रमोत्सव-2026 के तहत आयोजित भव्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य के शुभारंभ में भी शामिल होंगे। यह आयोजन काशी में सांस्कृतिक वैभव और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब सवा पांच बजे बाबतपुर स्थित Lal Bahadur Shastri International Airport पर उतरेंगे। इसके बाद वे सर्किट हाउस पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। शाम करीब सात बजे वे Banaras Locomotive Works के इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य महानाट्य में शामिल होंगे।
3 से 5 अप्रैल तक आयोजित इस महानाट्य का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस आयोजन का उद्देश्य सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।
मंचन के माध्यम से जीवंत होगी सनातन धर्म के उत्थान की गाथा
इस महानाट्य की परिकल्पना डॉ. मोहन यादव की है। पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित, राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति में 200 से अधिक कलाकार भाग लेंगे। मंचन में हाथी, घोड़े, रथ, पालकियां, युद्ध दृश्य, प्रकाश प्रदर्शन, अत्याधुनिक चित्रांकन, प्रकाश उत्सर्जक परदे और आतिशबाजी के साथ बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलक प्रस्तुत की जाएगी। इसमें सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राजतिलक, विक्रम-बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की गाथा को जीवंत किया जाएगा।

महानाट्य को भव्य स्वरूप देने के लिए तीन विशाल मंच तैयार किए जा रहे हैं—केंद्र में मुख्य मंच तथा दोनों ओर सहायक मंच। इन मंचों पर सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और अन्य पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व, न्यायप्रियता और उनके दरबार के नवरत्नों जैसे कालिदास और वराहमिहिर की विद्वता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन को और जीवंत बनाने के लिए 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊँट, 1 पालकी और 1 हाथी का उपयोग किया जाएगा। लगभग 10 से 15 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित होगी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा Kashi Vishwanath Temple में ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ अर्पित की जाएगी। यह घड़ी भारतीय प्राचीन कालगणना पर आधारित है, जिसमें समय को मुहूर्त, कला और काष्ठा के रूप में वैज्ञानिक ढंग से विभाजित किया गया है। इस प्रणाली के अनुसार एक दिन में 30 मुहूर्त, 900 कला और 27,000 काष्ठा होते हैं। यह घड़ी सूर्योदय आधारित समय गणना पर कार्य करती है और भारतीय मानक समय, पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जैसी जानकारियां भी प्रदान करती है। इसके साथ एक डिजिटल अनुप्रयोग भी जुड़ा है, जो 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन सुबह वे काशी के कोतवाल माने जाने वाले Kaal Bhairav Temple तथा Kashi Vishwanath Temple में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद कुछ चुनिंदा लोगों से मुलाकात कर सुबह लगभग साढ़े नौ बजे पुलिस पंक्ति से हेलीकॉप्टर द्वारा लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाबतपुर हवाई अड्डे से बीएलडब्ल्यू तक के मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।
यह आयोजन न केवल काशी की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक समन्वय तथा धार्मिक पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा।
