• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

वाराणसी। दक्षिण भारतीय अभिनेता Arya (आर्या) का वाराणसी को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि काशी में साधुओं के वेश में 40% अपराधी छिपे हुए हैं। 11 अप्रैल (शनिवार) कोAsianet News को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपना अनुभव शेयर किया।

अपनी फिल्म Naan Kadavul की शूटिंग के अनुभव साझा करते हुए आर्या ने दावा किया कि काशी में करीब 40 प्रतिशत साधु वास्तव में अपराधी हो सकते हैं, जो कानून से बचने के लिए साधु का वेश धारण करते हैं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग एक्टर का विरोध कर रहे हैं।

इंटरव्यू में अभिनेता ने बताया कि वर्ष 2009 में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने वाराणसी के घाटों और वहां के साधु-संतों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया, वहीं कुछ अनुभव ऐसे भी रहे, जिन्होंने उन्हें चौंका दिया। आर्या के अनुसार, कई लोग भगवा वस्त्र पहनकर साधु बन जाते हैं, लेकिन उनका असली मकसद अपनी पहचान छिपाना होता है।

अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें यह महसूस हुआ कि हर साधु वैसा नहीं होता जैसा आमतौर पर माना जाता है। उनके बयान के मुताबिक, कुछ लोग साधु का रूप धारण कर कानून से बचने की कोशिश करते हैं और यही वजह है कि उन्होंने ऐसा आकलन किया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वाराणसी की आध्यात्मिक विरासत बेहद समृद्ध और अनूठी है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।

आर्या का यह बयान जैसे ही सार्वजनिक हुआ, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे एक व्यक्तिगत अनुभव बताते हुए उनकी स्पष्टवादिता की सराहना की, तो वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने इसे एकतरफा और सामान्यीकरण वाला बयान करार दिया। आलोचकों का कहना है कि काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर के साधु-संतों पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। कुछ लोगों ने कहा कि राम मंदिर के बारे में गलत सोच रखने वाले मौलानाओं के बारे में क्यों नहीं बोलते?

धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान न केवल साधु समाज की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शहर की धार्मिक पहचान को भी प्रभावित करते हैं। वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर कहीं गलत तत्व हैं, तो उस पर चर्चा होना भी जरूरी है, लेकिन पूरे समुदाय को एक नजर से देखना उचित नहीं है।

Author

thefrontfaceindia@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *