• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026
Dalmandi

वाराणसी। शहर के भीड़भाड़ वाले दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को तय समय जून तक पूरा करने के लक्ष्य ने प्रशासन की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में चिन्हित भवनों को गिराने का काम तेजी से जारी है, लेकिन संकरी गलियों में जमा मलबा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। राहगीरों और स्थानीय कारोबारियों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन भवनों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें से करीब 30 भवनों को पूरी तरह ध्वस्त करने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिलहाल जिन इमारतों को गिराया जा रहा है, उन्हें इस सप्ताह के अंत तक पूरी तरह हटाने की योजना है। इसके बाद अगले चरण में अन्य भवनों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।

चौड़ीकरण की इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर हथौड़े, ड्रिल मशीन और अन्य उपकरणों के जरिए इमारतों को तोड़ने में जुटे हैं। साथ ही मलबा हटाने के लिए भी अलग से टीम लगाई गई है, ताकि रास्ता जल्द से जल्द साफ किया जा सके। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि मलबे के ढेर से दालमंडी की तंग गलियों में आवागमन बाधित हो रहा है।

प्रशासन का दावा है कि सभी प्रभावित भवन स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है और उनकी सहमति से रजिस्ट्री कराई जा रही है। सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 191 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, खासकर श्री काशी विश्वनाथ धाम आने-जाने में राहत मिलेगी।

वहीं, स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ लोग इसे शहर के विकास के लिए जरूरी कदम मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि इससे उनके रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ेगा। प्रशासन की ओर से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को भवन खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। अधिकारियों की टीम मौके पर निगरानी बनाए हुए है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

बाधा डालने पर हुई थी गिरफ्तारी

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का नवम्बर में विरोध प्रदर्शन हुआ था। कुछ लोगों ने लेड़फोड़ को रोकने की कोशिश की थी इस पर वीडीए के अफसर ने सरकारी काम में बाधा डालने और योजना का काम प्रभावित करने पर दो नामजद व 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नामजद लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से तोड़फोड़ को लेकर कोई खुलकर विरोध नहीं कर रहा है। वहीं दबी जुबान में लोगों का कहना है कि भवनों और दुकानों के ध्वस्तीकरण से व्यापार प्रभावित होगा और कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा।

मुआवजा देकर करा रहे रजिस्ट्री

दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आए भवनों के तोड़फोड़ को लेकर प्रशासन का दावा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए दालमंडी का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इससे लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी साथ ही क्षेत्र का भी विकास होगा। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं को इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से काफी सहूलियत होगी।

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