वाराणसी। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल (SSPG Hospital) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को उद्घाटन कर सकते हैं। अस्पताल के एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल को मल्टी स्पेशियलिटी बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है। अस्पताल में 318 बेड की संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। पीएम मोदी के काशी दौरे पर इसका शिलान्यास प्रस्तावित है।
पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र
यह चिकित्सालय न केवल वाराणसी बल्कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करता रहा है। इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई गई है।

315.48 करोड़ की लागत से बनेगा 500 बेड का आधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
अस्पताल के एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में 318 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल को ध्वस्त कर नए सिरे से 500 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह निर्माण भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों (IPHS) के अनुरूप लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर कराया जाएगा। इस परियोजना के लिए 315.48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है, जबकि कंसल्टेंसी एजेंसी के रूप में मदर्स प्राइड, लखनऊ कार्य करेगी।

आधुनिक भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर
उन्होंने बताया कि नए अस्पताल परिसर में दो मुख्य भवन होंगे। पहला अस्पताल भवन जी+8 मंजिल के साथ दो बेसमेंट (B1 और B2) का होगा, जबकि दूसरा आवासीय भवन जी+14 मंजिल का बनेगा। परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट भी बनाए जाएंगे।
स्टैक पार्किंग की सुविधा
अस्पताल के बेसमेंट में आधुनिक स्टैक पार्किंग सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें करीब 600 वाहनों की पार्किंग की सुविधा होगी। यह एक यांत्रिक प्रणाली है, जिसमें सीमित स्थान में एक के ऊपर एक वाहन खड़े किए जा सकते हैं।
बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और विभाग
नए अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, निजी वार्ड, कैदी वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, पैलेटिव केयर यूनिट, मोर्चरी, लॉन्ड्री, किचन, कैफेटेरिया और पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, ब्लड बैंक, स्किल लैब, बर्न वार्ड (14 बेड), डे केयर (15 बेड), डायलिसिस (20 बेड) और पोषण पुनर्वास केंद्र (30 बेड) भी शामिल होंगे।
अस्पताल में 4 ऑपरेशन थिएटर और 1 इमरजेंसी ओटी के साथ 47 बेड का आईसीयू बनाया जाएगा। साथ ही सर्जरी, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स और ऑर्थोपेडिक्स विभाग की सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

सुपर स्पेशलिटी सेवाएं
नई व्यवस्था में कार्डियोलॉजी (कैथ लैब सहित), एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और नियोनेटोलॉजी जैसी उन्नत सेवाएं भी मरीजों को मिलेंगी।
अन्य आधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में 24 घंटे बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति, फायर सेफ्टी, पर्यावरणीय मंजूरी, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इसके अलावा डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग कक्ष, गार्ड रूम, मेडिकल गैस सिस्टम, ईटीपी, एसटीपी और बैकअप पावर की भी सुविधा होगी।
साथ ही मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, मैमोग्राफी और 2D इको जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परियोजना पूर्वांचल के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और क्षेत्र के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित सेवाएं मिल सकेंगी।
