• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026
Maamla legal hai season 2

नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज “मामला लीगल है” का दूसरा सीजन दर्शकों के लिए एक बार फिर हंसी और व्यंग्य से भरपूर कहानी लेकर आया है। इस बार कहानी में बड़ा बदलाव यह है कि वी.डी. त्यागी (रवि किशन) अब वकील नहीं, बल्कि जज की कुर्सी संभालते नजर आते हैं। लेकिन उनके इस नए पद के बावजूद पटपड़गंज कोर्ट का अराजक और मजेदार माहौल जस का तस बना रहता है।

सीजन की शुरुआत ही त्यागी के भव्य अंदाज से होती है, जहां उनकी एंट्री में ड्रामा और हल्का-फुल्का डांस भी देखने को मिलता है। शपथ ग्रहण के दौरान भी कुछ अटपटी स्थितियां सामने आती हैं, जो सीरीज के टोन को सेट कर देती हैं। यहां से कहानी हास्य के साथ-साथ सिस्टम की सच्चाइयों पर भी रोशनी डालती है।

जज बनने के बाद त्यागी के सामने कई अजीबोगरीब केस आते हैं—कहीं बिजली वाले गेट का मामला तो कहीं चूहों द्वारा गांजा खाने जैसी घटनाएं। इन सबके बीच सीरीज यह दिखाने की कोशिश करती है कि न्याय हमेशा सीधा-सादा नहीं होता, बल्कि इसके कई पहलू होते हैं। त्यागी खुद भी कई बार इस दुविधा में नजर आते हैं कि सही फैसला क्या है।

सपोर्टिंग कास्ट इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। निधि बिष्ट की सुजाता और अंजुम बत्रा का मिंटू अपने मजेदार टकराव और केमिस्ट्री से कहानी में जान डालते हैं। वहीं नैला ग्रेवाल का किरदार भी इस बार ज्यादा गहराई के साथ उभरता है। सीरीज में जेंडर बायस और सहमति जैसे मुद्दों को भी उठाया गया है। खासकर एक पुरुष उत्पीड़न से जुड़े केस के जरिए यह दिखाया गया है कि समाज और कानून ऐसे मामलों को किस नजर से देखते हैं।

रवि किशन और दिब्येंदु भट्टाचार्य (जज कैलाश शुभखेला) के बीच की केमिस्ट्री भी दर्शकों को बांधे रखती है। दोनों के बीच हल्के-फुल्के पलों के साथ-साथ भावनात्मक टकराव भी देखने को मिलता है, जो कहानी को संतुलन देता है। सीरीज का एक अहम पल तब आता है जब त्यागी अपने फैसले को लेकर उलझन में अपने पिता से सलाह लेते हैं। इस दौरान न्याय और जिम्मेदारी पर दिया गया संवाद कहानी को गहराई देता है।

रवि किशन इस सीजन की जान हैं। उन्होंने अपने किरदार में गंभीरता और हास्य का बेहतरीन संतुलन बनाया है। आठ एपिसोड की यह सीरीज कहीं भी बोझिल नहीं लगती और दर्शकों को अंत तक जोड़े रखती है। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है, लेकिन कुल मिलाकर निर्देशन और लेखन सीरीज को रोचक बनाए रखते हैं।

“मामला लीगल है 2” एक ऐसी सीरीज है जो कॉमेडी के साथ-साथ सिस्टम की सच्चाई भी दिखाती है। अगर आपने इसका पहला सीजन पसंद किया था, तो यह सीजन भी आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होना चाहिए।

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