ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवादों का दायरा अब और बढ़ता नजर आ रहा है। पहले धार्मिक और राजनीतिक बयानों को लेकर चर्चा में रहे शंकराचार्य के खिलाफ अब गंभीर आपराधिक आरोपों में मुकदमा दर्ज होने से मामला तूल पकड़ चुका है।
पॉक्सो एक्ट में मुकदमा, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पॉक्सो कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के वादी आशुतोष महाराज की याचिका पर सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
आरोप है कि पिछले वर्ष उनके शिविर में दो नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण की घटना हुई। शिकायत में कहा गया है कि पीड़ितों को संरक्षण और धार्मिक शिक्षा के नाम पर रखा गया था। कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पहले से विवादों में रहे शंकराचार्य
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में रहे हैं। चाहे धार्मिक स्थलों से जुड़े बयान हों या राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर की गई टिप्पणियां—उनके वक्तव्यों ने कई बार बहस छेड़ी है।
अब पॉक्सो एक्ट जैसे सख्त कानून के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला केवल धार्मिक या वैचारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है।
गिरफ्तारी की आशंका, जांच तेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। यदि प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, अब तक आरोपियों की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जांच प्रक्रिया संवेदनशील और गोपनीय रखी जाती है। पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती और अदालत में विशेष प्रक्रिया के तहत सुनवाई होती है।
धार्मिक जगत और राजनीति में हलचल
इस प्रकरण के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भी हलचल तेज हो गई है। कुछ संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि अन्य ने इसे साजिश करार देने की बात कही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और अदालत में मामले की सुनवाई किस तरह आकार लेती है। फिलहाल, मामला बेहद संवेदनशील है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
