सिर्फ समझौता नहीं, भारत के भविष्य का रोडमैप है भारत-यूरोपीय संघ एफटीए: पीयूष गोयल
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक कूटनीति का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने …
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक कूटनीति का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के भविष्य के विकास का रोडमैप है, जिससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और युवाओं, किसानों व एमएसएमई सेक्टर को बड़े अवसर मिलेंगे।
पीयूष गोयल के अनुसार, विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह एफटीए इतिहास के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक है। यह समझौता कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, आईटी और वित्तीय सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। इससे भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत भारत को व्यापार मूल्य के आधार पर यूरोपीय संघ में अपने 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात के लिए अभूतपूर्व बाजार पहुंच मिली है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी और कपड़ा, रेडीमेड वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, समुद्री उत्पाद, रत्न-आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल जैसे श्रमप्रधान क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा।
मंत्री ने कहा कि करीब 33 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर 10 प्रतिशत तक टैरिफ समाप्त होने से कामगारों, महिलाओं, युवाओं और एमएसएमई सेक्टर का सशक्तीकरण होगा। इसके साथ ही भारतीय कंपनियां वैश्विक मूल्य श्रृंखला से और गहराई से जुड़ेंगी तथा भारत की भूमिका एक भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में मजबूत होगी।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफटीए नियम आधारित व्यापार व्यवस्था और नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करता है, जिससे भारत स्वदेशी और विदेशी निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। साथ ही, यह समझौता पेशेवरों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसरों के नए द्वार खोलेगा।
उन्होंने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने बिना पर्याप्त तैयारी के बाजार खोल दिए थे, जबकि मोदी सरकार ने ऐसे समझौते किए हैं जिनमें टैरिफ में कमी धीरे-धीरे की जाती है, ताकि उद्योगों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने का समय मिले।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है। यह समझौता भारत को वैश्विक मंच पर एक गतिशील, विश्वसनीय और दूरदर्शी साझेदार के रूप में स्थापित करेगा और समावेशी एवं टिकाऊ विकास की मजबूत नींव रखेगा।


