वाराणसी। लहरतारा क्षेत्र में गैस सिलेंडर विस्फोट की दर्दनाक घटना ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। हादसे में घायल मां गिरिजा देवी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे 40 घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे में पहले ही बेटे ओम कुमार चौधरी (30) और बेटी प्रीति कुमारी (28) की मौके पर मौत हो चुकी थी। अब मां की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, परिवार का एकमात्र बचा सदस्य अमन कुमार गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
सुबह खाना बनाते समय हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक तेज विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और परिवार के सदस्य मलबे में दब गए।
घटना में ओम कुमार और प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गिरिजा देवी और अमन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान बुधवार देर शाम गिरिजा देवी ने भी दम तोड़ दिया।
अमन की आंखों के सामने उजड़ा परिवार
हादसे में घायल अमन कुमार ने बताया कि वह घर में सो रहा था। तेज धमाके की आवाज से उसकी नींद खुली तो खुद को मलबे में दबा पाया। उसके चेहरे पर जलने के निशान हैं, हाथ में फ्रैक्चर और कमर में गंभीर चोट आई है। वह बार-बार अपनी मां, भाई और बहन के बारे में पूछता रहा।
गैस लीकेज बनी हादसे की वजह
परिजनों के अनुसार, गैस सिलेंडर को चूल्हे से जोड़ने वाली पाइप में लीकेज था, जिससे यह हादसा हुआ। विस्फोट के बाद पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया।
खुशियों में बदला मातम
परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घर में राम नवमी के दिन गृह प्रवेश की तैयारी कर रहा था। बहन प्रीति की शादी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे और परिवार नई शुरुआत की योजना बना रहा था, लेकिन इस हादसे ने सब खत्म कर दिया।
मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार
तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं और पूरा माहौल गमगीन हो गया।
फिलहाल, अमन का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
