नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। इस फैसले से आम जनता को राहत मिलने और ईंधन की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उठाया गया है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
भारत भी अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
तेल कंपनियों को मिलेगा राहत
एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर लागत का दबाव कम होने की संभावना है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने या कम करने में मदद मिल सकती है।
एटीएफ पर नया टैक्स ढांचा
सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के लिए भी नया लेवी ढांचा लागू किया है। इसके तहत ATF पर ₹50 प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, हालांकि कुछ छूट के बाद प्रभावी शुल्क करीब ₹29.5 प्रति लीटर रह सकता है।
निर्यात नियमों में सख्ती
सरकार ने ईंधन निर्यात से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। अब पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर मिलने वाली छूट को सीमित कर दिया गया है, जिससे नीतिगत ढांचा अधिक संतुलित और नियंत्रित हो सके।
क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है, हालांकि अंतिम असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल, सरकार के इस कदम से महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा संकेत जरूर मिला है।
