वाराणसी। मोहन यादव ने अपने काशी दौरे के दूसरे दिन शनिवार सुबह बेहद सादगी भरा अंदाज पेश किया। वह अपनी पत्नी के साथ शहर की प्रसिद्ध राम भंडार पहुंचे, जहां उन्होंने आम लोगों के बीच बैठकर कचौड़ी-सब्जी और लस्सी का स्वाद लिया।
दुकानदार से पूछा— “क्या खिलाओगे?”
दुकान पर पहुंचते ही सीएम मोहन यादव ने मुस्कुराते हुए दुकानदार से पूछा— “क्या खिलाओगे?” इस पर वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। इसके बाद उन्होंने कचौड़ी और लस्सी का ऑर्डर दिया और सामान्य ग्राहकों की तरह बैठकर नाश्ता किया। नाश्ते के बाद उन्होंने खुद ही पर्स निकालकर बिल का भुगतान किया, जिससे लोगों के बीच उनकी सादगी की काफी चर्चा रही।
लोगों से किया संवाद, दिखा उत्साह
सीएम के अचानक दुकान पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। उन्होंने आम लोगों से बातचीत की और हालचाल भी जाना। इस दौरान लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

‘काशी आने का सौभाग्य मिला’
मीडिया से बातचीत में सीएम मोहन यादव ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से उन्हें एक सप्ताह में दूसरी बार काशी आने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया और कहा कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा अद्भुत है।
विक्रमादित्य महानाट्य देखने की अपील
सीएम ने काशी में चल रहे “विक्रमादित्य महानाट्य” की सराहना करते हुए कहा कि यह एक शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति है। उन्होंने सभी लोगों से इसे देखने की अपील की।
विक्रमोत्सव 2026 में भी लिया हिस्सा
इससे पहले 3 अप्रैल को योगी आदित्यनाथ और सीएम मोहन यादव ने मिलकर “विक्रमोत्सव 2026” के तहत महानाट्य मंचन का शुभारंभ किया था। इस दौरान मोहन यादव ने सीएम योगी को वैदिक घड़ी भी भेंट की।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने महाराज विक्रमादित्य और भर्तृहरि की परंपरा का भी उल्लेख किया।
