नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीतिक स्वार्थ हावी हो गया, जिसके कारण नारी सशक्तिकरण का एक बड़ा अवसर खो गया। इस दौरान उन्होंने देश की महिलाओं से खेद भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन संसद में आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया। उनके अनुसार कुछ दलों ने राजनीति को प्राथमिकता दी, जिससे महिलाओं के अधिकार प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
#WATCH | In his address to the nation, Prime Minister Narendra Modi says, "Today I'm here to discuss an important issue, especially for the women of this country. Every citizen of this country is witnessing how women's progress has stalled… Despite our best efforts, we haven't… pic.twitter.com/Y2s2hBUCz6
— ANI (@ANI) April 18, 2026
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, तृणमूल कांग्रेस आदि दलों का नाम लेते हुए कहा कि इन पार्टियों ने वर्षों से तकनीकी बहाने बनाकर महिला आरक्षण को टालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब देश की महिलाएं जागरूक हैं और सच्चाई को समझ रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह रुख लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान निर्माताओं की भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह प्रस्ताव किसी का हक छीनने के लिए नहीं, बल्कि समाज को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से लाया गया था।
#WATCH | In his address to the nation, Prime Minister Narendra Modi says, "Nation’s welfare is our priority, but when political benefit becomes the priority for some people, even bigger than the nation’s welfare, the women of the country have to bear the burden for this. The same… pic.twitter.com/mAxFkMPYT7
— ANI (@ANI) April 18, 2026
उन्होंने कांग्रेस पर विशेष टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी के पास अपने पुराने रुख को बदलने और महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का अवसर था, लेकिन उसने यह मौका गंवा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के सहारे राजनीति कर रही है और उन्हें मजबूत नहीं होने देना चाहती।
समय आने पर जवाब देंगी महिलाएं
प्रधानमंत्री ने वंशवादी राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों को डर है कि यदि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनके परिवार आधारित नेतृत्व को चुनौती मिल सकती है। यही वजह है कि वे महिला आरक्षण जैसे कदमों का विरोध करते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता, खासकर महिलाएं, इस पूरे घटनाक्रम को समझ रही हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी।
तीसरे कार्यकाल में तीसरा संबोधन
गौरतलब है कि अपने तीसरे कार्यकाल में यह प्रधानमंत्री का तीसरा राष्ट्र के नाम संबोधन है। इससे पहले उन्होंने 12 मई 2025 को सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर और 21 सितंबर 2025 को जीएसटी सुधारों को लेकर देश को संबोधित किया था।
