लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ देर रात हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया, आपात सेवाओं और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
81 हजार से अधिक पुलिस पदों पर भर्ती
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस भर्ती अभियान का उद्देश्य युवाओं को रोजगार प्रदान करना और प्रदेश को एक आधुनिक, सक्षम और ऊर्जावान पुलिस बल देना है।
सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शिता, निष्पक्षता और आरक्षण नियमों के अनुसार कराई जाएं। साथ ही भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और इसे तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया।
इन भर्तियों में उपनिरीक्षक, आरक्षी नागरिक पुलिस, रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय) जैसे कई पद शामिल हैं।
पीआरवी-112 का रिस्पॉन्स टाइम होगा और कम
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में पीआरवी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट है। मुख्यमंत्री ने इसे और कम करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके।
इसके लिए उन्होंने पीआरवी वाहनों की रणनीतिक तैनाती, लगातार गश्त और हॉटस्पॉट आधारित पेट्रोलिंग की व्यवस्था लागू करने को कहा। साथ ही हर 15 दिन में रूट चार्ट की समीक्षा कर सुधार करने के निर्देश दिए गए।
हर तहसील में बनेगा फायर स्टेशन
अग्निशमन एवं आपात सेवाओं की समीक्षा के दौरान सीएम ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए सभी तहसीलों में फायर स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने “एक तहसील-एक फायर टेंडर” योजना लागू करने और प्रत्येक जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 42 हजार अग्निकांडों पर नियंत्रण पाया गया और 10 हजार से अधिक आपात घटनाओं में त्वरित कार्रवाई कर करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाई गई।
लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों का होगा तबादला
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे संवेदनशील स्थानों पर कई पुलिसकर्मी लंबे समय से तैनात हैं। ऐसे कर्मियों की सूची तैयार कर उनका स्थानांतरण किया जाए ताकि व्यवस्था में संतुलन और निष्पक्षता बनी रहे।
साइबर अपराध पर बड़ी सफलता
साइबर अपराध की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में अब तक 425.7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को रोका गया है। इस अवधि में कुल 3,91,340 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2,40,015 शिकायतें इसी वर्ष आईं।
इन मामलों में 7,287 मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे अब औसतन 7467 कॉल प्रतिदिन प्राप्त हो रही हैं। कुल कॉल्स में लगभग 59% मामलों का निस्तारण किया गया है।
साइबर अपराधों से निपटने के लिए 65,608 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे पुलिस की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
