वाराणसी। मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को शहर को एक बड़ी सुविधा मिली, जब महापौर अशोक कुमार तिवारी ने करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई अत्याधुनिक ‘एम्फीबियस ड्रेन मास्टर’ मशीन का शुभारंभ किया।
लोकार्पण के बाद महापौर ने खुद मशीन का संचालन कर उसकी कार्यक्षमता को परखा और अधिकारियों से इसके बेहतर उपयोग के निर्देश दिए।

हर स्थिति में काम करने में सक्षम है मशीन
यह आधुनिक मशीन अपनी खास तकनीक के कारण सूखी जमीन, गहरे कीचड़ और पानी—तीनों परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम कर सकती है। करीब 30 टन प्रतिदिन कचरा हटाने की क्षमता वाली यह मशीन शहर के बड़े नालों, तालाबों और पोखरों की सफाई के साथ-साथ गंगा और वरुणा नदी में जमी गाद (सिल्ट) निकालने में भी उपयोगी साबित होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस मशीन के इस्तेमाल से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

संकट मोचन और अस्सी क्षेत्र में हुआ निरीक्षण
मशीन के लोकार्पण के बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से शहर के प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान संकट मोचन पुलिया और अस्सी इलाके के कई नालों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। टीम ने रविदास पार्क के सामने स्थित नाले, अस्सी नाला और अस्सी घाट के पास बन रही मल्टी स्टोरी पार्किंग परियोजना का भी निरीक्षण किया।
गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान रत्नाकर पार्क में साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और साफ कहा कि लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय सीमा में पूरा होगा डिसिल्टिंग कार्य
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और डिसिल्टिंग का काम तय समय में पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव समेत नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
