वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के आईएमएस (IMS) परिसर में शनिवार को एक गोदाम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। घटना के समय पास में ही छात्रों की क्लास चल रही थी। आग लगते ही हालात को देखते हुए सभी छात्रों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गोदाम में ज्वलनशील सामग्री और सिलेंडर से बढ़ा खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस गोदाम में आग लगी, वहां पेंट और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। साथ ही अंदर 3 से 5 गैस सिलेंडर भी मौजूद थे, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। आग लगने के दौरान कुछ डिब्बे और सामग्री इसकी चपेट में आ गए, जिससे धमाके जैसी आवाजें भी सुनाई दीं।
10 मिनट में पहुंची दमकल, चार गाड़ियां मौके पर तैनात
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तेजी से मौके पर पहुंची। करीब 10 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। हालात को देखते हुए कुल चार दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। दमकल कर्मियों ने सीढ़ी की मदद से ऊंचाई से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की और कुछ ही समय में स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
धुएं से भर गया पूरा इलाका, बिजली सप्लाई काटी गई
आग लगने के बाद पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया, जिससे दृश्यता कम हो गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और बचाव कार्य शुरू कराया।
अधिकारियों ने संभाली कमान, जांच के आदेश
आईएमएस के डायरेक्टर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ मिलकर गोदाम में रखा सामान बाहर निकलवाया। उन्होंने बताया कि आग विभाग के पीछे स्थित गोदाम में लगी थी और इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, केवल सामान को नुकसान पहुंचा है। वहीं सीओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि आग की घटना की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी के नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समय रहते काबू, टला बड़ा हादसा
फायर ब्रिगेड और विश्वविद्यालय सुरक्षा टीम की तत्परता के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। यदि थोड़ी भी देर होती, तो पास में मौजूद क्लासरूम और सिलेंडरों के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी।
