वाराणसी | वाराणसी के प्रतिष्ठित हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि विभाग द्वारा बुधवार को ‘मूट कोर्ट’ (छद्म न्यायालय) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विधि के छात्र-छात्राओं को न्यायालय की व्यावहारिक कार्यप्रणाली, तर्क-वितर्क की शैली और न्यायिक शिष्टाचार से रूबरू होने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का नेतृत्व और मार्गदर्शन
संपूर्ण कार्यक्रम का निर्देशन श्री मोहम्मद अबू शाहिद द्वारा किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने न केवल कानूनी दांव-पेच सीखे, बल्कि अनुशासन और व्यावसायिक आचरण का भी उत्कृष्ट परिचय दिया। कार्यक्रम की सफलता पर उन्होंने विधि विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शर्मा एवं डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह के प्रति उनके निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।

आयोजन को सफल बनाने में डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. अंकित रघुवंशी, श्री अजीत कुमार एवं डॉ. निखिल कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सात टीमों के बीच हुआ वैचारिक मुकाबला
मूट कोर्ट की कार्यवाही के दौरान कुल 14 टीमों (7 याचिकाकर्ता पक्ष और 7 प्रतिवादी पक्ष) ने हिस्सा लिया। छात्रों ने काल्पनिक कानूनी मामलों पर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी दलीलें पेश कीं।

प्रतिभागी टीमों का विवरण:
| टीम संख्या | याचिकाकर्ता पक्ष (Petitioner) | प्रतिवादी पक्ष (Respondent) |
|---|---|---|
| टीम–1 | अंजलि चौरसिया, विशाखा जायसवाल, शिवम जायसवाल | निकिता पाठक, कामिनी तिवारी, पुरु तिवारी |
| टीम–2 | सुजल कुमार जायसवाल, कमल कुमार यादव, सचिन मौर्य | प्रिया वर्मा, ज़ैनब परवीन, गौतम यादव |
| टीम–3 | निखिल गुप्ता, कन्हैया सोनकर, मनीष कनौजिया | सुनयना प्रभाकर, रश्मी भारती, प्रीती गौतम |
| टीम–4 | श्वेता राय, दीक्षा पाल, विश्वजीत खत्री | राहुल पटेल, मुकुल सोनकर, अनिल कुमार सरोज |
| टीम–5 | धीरेन्द्र कुमार सिंह, दिनेश चन्द्र, काशिफ़ तनवीर | नूपुर राय, शालू यादव, अंजलि चौरसिया |
| टीम–6 | समरीन शेख, सलोनी मद्धेशिया, जावेद हसन | प्रिंस जयसवाल, रूद्र प्रताप यादव, अर्जुन जयसवाल |
| टीम–7 | प्रिया गुप्ता, हिना परवीन, आरिफ जमाल | ज्योत्सना निषाद, जया पाठक, अनिकेत मौर्य |
व्यावहारिक अनुभव पर जोर
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारना था। प्रतिभागियों ने न्यायाधीशों के समक्ष याचिका दायर करने, जिरह करने और कानूनी नजीरों को पेश करने का अभ्यास किया। बड़ी संख्या में अन्य छात्र-छात्राओं ने भी दर्शक दीर्घा में बैठकर अदालती कार्यवाही को गहराई से समझा।

गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. अजय कुमार सिंह रहे। उन्होंने छात्रों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के अधिवक्ताओं के लिए इस तरह के आयोजन मील का पत्थर साबित होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के उप-प्राचार्य प्रो. विश्वनाथ वर्मा द्वारा की गई। उन्होंने छात्रों को न्यायिक मूल्यों और नैतिकता को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।

