उत्तर प्रदेश में गर्मी अब बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचती जा रही है। IMD के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई हिस्सों में तापमान 44 से 46 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि Varanasi, प्रयागराज, झांसी और आसपास के क्षेत्रों में पारा 42 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
दिन के अलावा रात में भी वॉर्म नाइट जैसी स्थिति
न केवल दिन में बल्कि रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अधिकांश जिलों में यह 24 से 28 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया है, जबकि कुछ इलाकों में यह 30 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। इस वजह से “वार्म नाइट” जैसी स्थिति बन रही है, जिससे रात में भी उमस और गर्मी बनी रहती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक अधिक है, जबकि कुछ स्थानों पर यह बढ़ोतरी 4 से 6 डिग्री तक पहुंच गई है, जो हीट वेव की स्थिति को दर्शाती है।
इन जिलों में लू चलने की संभावना
मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू का असर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ सकता है। प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी और अयोध्या समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना बनी हुई है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखने लगा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकावट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गर्मी में लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खासकर बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
