वाराणसी। मिर्जामुराद थाना अंतर्गत राजपुर गांव में एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ रेलवे ट्रैक पर हुए एक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला गम दे दिया। ट्रेन की चपेट में आने से 19 साल की अन्नू पाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के चक्कर में उसका 18 वर्षीय छोटा भाई टिंकू पाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया। गुरुवार तड़के इलाज के दौरान टिंकू ने भी दम तोड़ दिया। महज 24 घंटे के भीतर एक ही घर से दो भाई-बहन के शव उठने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मवेशी चराकर लौटते समय हुआ हादसा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, अन्नू पाल बुधवार शाम करीब 6 बजे अपने मवेशियों को चराकर घर वापस आ रही थी। घर के ठीक सामने से गुजर रही रेलवे लाइन को पार करते समय वह अचानक आ रही ट्रेन की जद में आ गई। बहन को खतरे में देख भाई टिंकू उसे बचाने के लिए ट्रैक की तरफ दौड़ा, लेकिन वह खुद को और अपनी बहन को बचा नहीं सका। अन्नू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टिंकू को लहूलुहान हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ गुरुवार सुबह करीब 4 बजे उसने अंतिम सांस ली।
परिजनों के कदम से गहराया रहस्य
इस दर्दनाक हादसे के बाद कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं जिसने मामले को थोड़ा उलझा दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद बदहवास परिजन अन्नू के क्षत-विक्षत शव को समेटकर एक बोरे में भरकर अपने घर ले आए और करीब दो घंटे तक उसे कमरे में रखा। इस दौरान न तो पुलिस को कोई सूचना दी गई और न ही घटनास्थल को वैसा रहने दिया गया।
जब मिर्जामुराद पुलिस को किसी माध्यम से इसकी भनक लगी, तो वे तुरंत राजपुर गांव पहुंचे। शुरुआत में परिजनों ने शव को पुलिस को सौंपने से मना कर दिया, लेकिन काफी समझाने-बुझाने और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देने के बाद वे मान गए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार का सहारा थे दोनों बच्चे
किसान हीरामणि पाल के तीन बच्चों में अन्नू सबसे बड़ी थी, जिसने 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की थी। वहीं उसका छोटा भाई टिंकू होनहार था और उसने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की थी। इस हादसे के बाद पिता हीरामणि, बड़ा भाई और दादी दुलारो देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का माहौल गमगीन है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है।
पुलिस कर रही है गहन तफ्तीश
मिर्जामुराद पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर यह मामला पूरी तरह से एक रेल दुर्घटना का लग रहा है। हालांकि, हादसे के बाद शव को मौके से हटाने और पुलिस को देर से सूचित करने के एंगल को भी ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस ग्रामीणों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
