वाराणसी। सिगरा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ‘साईं वज्र’ अभियान के तहत गरीब लोगों के फर्जी पते पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) खोलकर साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को धर दबोचा। पकड़ा गया नेटवर्क देश भर में फैले साइबर अपराधियों को बैंकिंग किट उपलब्ध कराता था।
डाक विभाग का संविदाकर्मी भी शामिल
इस गिरोह की मुख्य सूत्रधार सोनभद्र की रहने वाली आरती कुमारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह में डाक विभाग का एक संविदा डाकिया (शोभनाथ) भी शामिल था। आरोपी गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद आधार कार्ड में फर्जी एडिटिंग कर सिगरा क्षेत्र का पता दर्ज कराया जाता था और बैंकों में नए खाते खुलवाए जाते थे। जब बैंक की वेलकम किट (एटीएम, पासबुक, चेकबुक) डाक से भेजी जाती, तो डाकिया उसे पते पर डिलीवर करने के बजाय सीधे गिरोह को सौंप देता था।
8 राज्यों से जुड़े हैं ठगी के तार
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी (क्राइम) नीतू कादयान और एसीपी चेतगंज शुभम सिंह ने बताया कि गिरोह ने अब तक कुल 67 म्यूल खाते तैयार कर साइबर अपराधियों को बेचे हैं। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए देश के 8 राज्यों (बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक और मणिपुर) में हुई 21 साइबर ठगी की घटनाओं का लगभग ₹76.44 लाख का लेन-देन हुआ है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 चेकबुक (सील व खुली), 3 सील डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, 6 मोबाइल फोन, 2 पैन कार्ड और 3 फर्जी आधार कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी खातों का इस्तेमाल और किन-किन जगहों पर किया गया था।
