वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र की एक पीड़िता की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति जिया शाहिद, सास, जेठ और ननद सहित अन्य अभियुक्तों पर दहेज प्रताड़ना, हिंसा, अमानवीय व्यवहार और साइबर अपराध की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
अदालत में दायर याचिका के अनुसार, पीड़िता का विवाह 1 दिसंबर 2010 को लखनऊ निवासी जिया शाहिद के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के दौरान ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त नकदी की मांग शुरू कर दी थी।
- 2015-2016: पीड़िता ने वर्ष 2015 में पहली बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 2016 में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ और वह वापस अपने ससुराल लौट आई, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला बंद नहीं हुआ।
- 2023: पीड़िता ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था के दौरान ससुराल वालों ने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसे जमीन पर पटक दिया, जिसके चलते उसका गर्भपात हो गया।
- साइबर ब्लैकमेलिंग: याचिका में पति पर मोबाइल हैक कर निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करने तथा उनके जरिए ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
- 2026: पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2026 में उसके साथ पुन: हिंसा की गई, उसके सोने के आभूषण छीन लिए गए और लगभग आठ लाख रुपये मूल्य के स्त्रीधन पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
कैंट थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि अदालत के निर्देशानुसार संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
