वाराणसी। उत्तर प्रदेश से फैले करीब 2000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की घेराबंदी तेज हो गई है। वाराणसी के आदमपुर थाना अंतर्गत प्रह्लाद घाट (कायस्थ टोला) का रहने वाला शुभम पिछले नौ महीनों से दुबई के एक होटल में पनाह लिए हुए है। अब उसकी धरपकड़ के लिए इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। पूर्वांचल से अबू सलेम और शाइन सिटी के राशिद नसीम के बाद शुभम ऐसा तीसरा भगोड़ा बन गया है, जिसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरपोल कर रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ‘शैली ट्रेडर्स’ के जरिए नशीली कफ सिरप की तस्करी का जाल फैलाने वाला शुभम जायसवाल 10 साल के गोल्डन वीजा पर दुबई में रह रहा है। वहां वह एक मशहूर होटल चेन में फ्रेंचाइजी पार्टनर के रूप में कारोबार संभाल रहा है। जून के दूसरे हफ्ते में ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने दुबई सरकार को उसका अरेस्ट वारंट सौंपा था, जिसके बाद सीबीआई और इंटरपोल के माध्यम से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
सोनभद्र से उजागर हुआ था पूरा सिंडिकेट
कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी का यह मामला सबसे पहले 19 अक्टूबर 2025 को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज थाने में सामने आया था। वहां पुलिस ने दो कंटेनरों से करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की 1.19 लाख से अधिक सिरप की बोतलें जब्त की थीं। इसके बाद गाजियाबाद में एक बड़े गोदाम का खुलासा हुआ, जिससे नेपाल और बांग्लादेश तक फैले इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
75 से अधिक आरोपी जेल में, अब सफेदपोशों पर कस सकता है शिकंजा
इस बहुचर्चित मामले में एसटीएफ के आलोक सिंह, अमित सिंह टाटा और अमित यादव सहित 75 से ज्यादा आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो राज्य की विभिन्न जेलों में बंद हैं। माना जा रहा है कि शुभम को प्रभावशाली सफेदपोशों का संरक्षण हासिल था। यदि दुबई से उसका प्रत्यर्पण होता है, तो उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के कई बड़े चेहरों का नाम इस नेटवर्क में उजागर हो सकता है।
